एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत का दावा, मदरसे पर भी हमला... PAK का अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक

पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांत में एयरस्ट्राइक की. बेहसूद जिले में एक घर पर हमले में 19 लोगों की मौत का दावा है. इस्लामाबाद ने इसे पाकिस्तानी तालिबान और IS से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई बताया है.

Advertisement
पाकिस्तान का दावा है कि उसने 'आतंकी ठिकानों' को निशाना बनाया है. (Photo- Screengrab) पाकिस्तान का दावा है कि उसने 'आतंकी ठिकानों' को निशाना बनाया है. (Photo- Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:12 AM IST

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से सटे इलाकों में एयरस्ट्राइक कर क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है. इस्लामाबाद का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान विरोधी आतंकी समूहों, खासतौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों को निशाना बनाकर की गई. दावों के मुताबिक हमले पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के खोगयानी, गनी खिल और बेहसूद जिलों में हुए.

बेहसूद जिले में एक रिहायशी इलाके में बमबारी में एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत का दावा किया गया है. बताया जा रहा है कि घर में 21 लोग मौजूद थे, जिनमें दो अन्य घायल हुए हैं. मृतकों में 80 वर्षीय बुजुर्ग से लेकर एक साल का बच्चा तक शामिल है. घायलों में 20 वर्षीय रियाजुल्लाह का नाम सामने आया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान में पाकिस्तान का एयरस्ट्राइक... एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत दावा, मदरसे पर भी हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक मदरसे को भी निशाना बनाया गया. अफगान अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस हमले का "बहुत जल्द बदला लिया जाएगा." नंगरहार प्रांत की पुलिस ने बताया कि एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे. अभी तक सिर्फ चार लोगों को ही बाहर निकाला जा सका है, और मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है.

पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि "खुफिया जानकारी के आधार पर सात कैंपों और ठिकानों पर कार्रवाई" की गई. मंत्रालय के मुताबिक ये ठिकाने टीटीपी और उसके सहयोगियों के अलावा इस्लामिक स्टेट से जुड़े थे. यह भी कहा गया कि रमजान की शुरुआत से अब तक पाकिस्तान में हुए तीन बड़े हमलों के जवाब में ये स्ट्राइक की गईं.

Advertisement

दो हफ्ते पहले इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें कम से कम 31 लोगों की मौत और 160 से अधिक घायल हुए थे. इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी. इसे 2008 के मैरियट होटल बम धमाके के बाद राजधानी पर सबसे घातक हमला माना गया.

इस्लामाबाद लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान 'पाकिस्तान विरोधी आतंकियों' को अफगान जमीन से ऑपरेट करने दे रहा है. पाकिस्तान ने 2020 के दोहा समझौते का हवाला देते हुए कहा कि तालिबान की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी सशस्त्र समूह को दूसरे देशों के खिलाफ अपनी जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति न दे.

यह भी पढ़ें: रमजान में PAK आतंकियों की फंडिंग रुकी... पाकिस्तान की इस सरकार ने चंदा देने वालों को चेताया

दूसरी तरफ, अफगान तालिबान ने इन आरोपों से इनकार किया है. उनका कहना है कि वे किसी भी समूह को पड़ोसी देशों के खिलाफ अफगानिस्तान की धरती इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देते.

पिछले साल के अंत में सीमा पर हुई कई घातक झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्ते पहले ही तनावपूर्ण थे. इन झड़पों के कारण अहम व्यापार और ट्रांजिट मार्ग लंबे समय तक बंद रहे, जिससे आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ा है.

Advertisement

ताजा एयरस्ट्राइक ने हालात को और नाजुक बना दिया है. जहां पाकिस्तान इसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहा है, वहीं अफगानिस्तान में नागरिक हताहतों के दावों ने क्षेत्र में गुस्सा और अनिश्चितता बढ़ा दी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement