नेपाल में बालेन शाह की सरकार बनने के बाद पुराने मामलों में गिरफ्तारियों का सिलसिला थम नहीं रहा है. अब मंगलवार सुबह काठमांडू के पूर्व जिलाधिकारी छवि रिजाल को 'जेन जी' प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बालेन सरकार के पांच दिनों के कार्यकाल में ये पांचवीं हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी है. जांच समिति की रिपोर्ट में उन्हें इस हिंसा का मुख्य दोषी माना गया है. रिजाल की ये गिरफ्तारी बालेन सरकार के सत्ता में आने के पांचवें दिन हुई है.
नेपाल पुलिस ने बताया कि पुलिस की केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो (CIB) ने मंगलवार 31 मार्च 2026 की सुबह काठमांडू के पूर्व मुख्य जिलाधिकारी (सीडीओ) छवि रिजाल को उनके निजी निवास सुविधानगर से गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने बताया कि रिजाल पर 8 सितंबर 2025 को हुए 'जेन जी' आंदोलन के दौरान जिला सुरक्षा समिति के प्रमुख के रूप में पुलिस को प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश देने का गंभीर आरोप है. जांच समिति की रिपोर्ट में उन्हें इस हिंसा का मुख्य दोषी माना गया है. उन्हें आज ही अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है.
कानून-व्यवस्था की थी जिम्मेदारी
बताया जा रहा है कि 8 सितंबर को जब 'जेन जी' प्रदर्शन उग्र हुआ, तब छवि रिजाल काठमांडू के जिलाधिकारी थे. जिला सुरक्षा समिति के प्रमुख होने के नाते कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी. आरोप है कि एक आपात बैठक के बाद रिजाल ने ही पुलिस बल को प्रदर्शनकारियों पर सीधा प्रहार करने और गोली चलाने का निर्देश दिया था. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि उस दिन हुई पुलिसिया कार्रवाई के पीछे रिजाल की मुख्य भूमिका थी.
जांच समिति ने इस हिंसा के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक और तत्कालीन पुलिस प्रमुख कुबेर चंद्र खापुंग को भी मुख्य दोषी करार दिया है. इस मामले में पूर्व पीएम ओली और पूर्व गृहमंत्री लेखक पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं और फिलहाल पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर हैं. अब इसी कड़ी में छवि रिजाल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि उस दिन के घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने आ सके.
अब तक पांच गिरफ्तारी
आपको बता दें कि नेपाल में बालेन सरकार के गठन के बाद से हर दिन एक बड़ी गिरफ्तारी हो रही है. पहले दिन पूर्व पीएम ओली और रमेश लेखक सलाखों के पीछे पहुंचे. दूसरे दिन पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का को भ्रष्टाचार के मामले में पकड़ा गया. चौथे दिन विधायक रेखा शर्मा को बाल श्रम शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अब पांचवें दिन पूर्व जिलाधिकारी की गिरफ्तारी ने ये साफ कर दिया है कि नई सरकार पुराने मामलों में किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है.
पंकज दास