नेपाल में नई सरकार बनते ही सियासी हलचल तेज हो गई है. प्रधानमंत्री बालेन के नेतृत्व में बनी सरकार ने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया है.
यह कार्रवाई जेन-जी प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में की गई है, जिसमें इन दोनों नेताओं को जिम्मेदार ठहराया गया था. जानकारी के मुताबिक, बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया गया था. इसी के आधार पर यह गिरफ्तारी की गई.
रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों पर गोली चलाई गई, जिसके चलते कई छात्रों की मौत हुई. सरकार ने इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए सीधे कार्रवाई का रास्ता चुना.
नेपाल के पूर्व गृह मंत्री और पूर्व पीएम ओली अरेस्ट
बताया जा रहा है कि सुबह तड़के सबसे पहले पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को हिरासत में लिया गया और उसके कुछ समय बाद पूर्व प्रधानमंत्री ओली को भी गिरफ्तार कर लिया गया. इस कदम को नेपाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
सेना-पुलिस पर भी लगे गंभीर आरोप
जांच आयोग की रिपोर्ट में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं, लेकिन फिलहाल सुरक्षा बलों के खिलाफ कोई सीधी कार्रवाई नहीं की गई है. सरकार ने उनकी भूमिका की अलग से जांच के लिए एक नई समिति गठित करने का फैसला लिया है.
पंकज दास