नेपाल में गुरुवार को हुए मतदान के बाद शुरू हुई मतगणना में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ रही है और बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना अब लगभग तय माना जा रहा है जो नेपाल के इतिहास में एक नया अध्याय होगा, क्योंकि बालेन शाह मधेशी मूल के पहले व्यक्ति होंगे जो देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होंगे. आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी अकेले दम पर बहुमत के आंकड़े 138 की ओर अग्रसर है. ये ऐतिहासिक बदलाव नेपाल में तीन दशकों से चल रही अस्थिरता और पुराने राजनीतिक दलों के खराब प्रदर्शन के कारण संभव हुआ है.
शुरुआती मतगणना रुझानों के अनुसार, आरएसपी कई सीटों पर मजबूत बढ़त में है. कुल 165 प्रत्यक्ष सीटों में से पार्टी दर्जनों निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही है. खासकर झापा-5 सीट पर बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को काफी पीछे छोड़ दिया है. ओली की पार्टी सीपीएन-यूएमएल के अधिकांश बड़े नेता पिछड़ गए हैं और केवल 4 प्रत्याशी ही आगे दिख रहे हैं. ओली की इस बढ़त को पलटने की संभावना कम लग रही है.
नेपाली कांग्रेस का निराशाजनक प्रदर्शन
इसी तरह नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाली कांग्रेस का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है. पिछले चुनावों में ओली के साथ गठबंधन करके सरकार चलाने के कारण जनता कांग्रेस को भी देश की आर्थिक और राजनीतिक दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है. पार्टी के कई दिग्गज नेता अपनी सीटें बचाने में जूझते दिखे.
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' अपनी सीट पर तो आगे हैं, लेकिन उनकी पार्टी के अन्य नेताओं की स्थिति कमजोर है. कोई भी नेता अब तक जीत को लेकर आश्वस्त नहीं दिख रहा है.
3 दशक बाद किसी पार्टी को मिलेगा बहुमत
बता दें कि नेपाल के इतिहास में 36 सालों के बाद ऐसा मौका आया है, जब कोई एक पार्टी अकेले बहुमत की सरकार बनाने की स्थिति में दिख रही है. 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में सरकार बनाने के लिए 138 सीटों की जरूरत होती है. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी जिस गति से आगे बढ़ रही है, उसे प्रत्यक्ष और समानुपातिक (कुल 110 सीटें) दोनों तरफ भारी बढ़त मिलने की संभावना है.
चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह ने पूरे देश का दौरा कर और रोड शो के जरिए जो समर्थन जुटाया, वह अब वोटों में तब्दील होता दिख रहा है.
कौंन हैं बालेन शाह
पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक युवा-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया था और अब युवा वोटरों की लहर ने पुरानी पार्टियों को झटका दिया है. 35 वर्षीय बालेन जो पहले रैपर और काठमांडू के लोकप्रिय मेयर रह चुके हैं, जेन-जेड आंदोलन के प्रमुख चेहरा बनकर उभरे थे. अब शुरुआती रुझानों में बालेन के पीएम बनने का रास्ता साफ नजर आ रहा है. अधिकांश मत परिणाम आज रात से कल सुबह तक आने की उम्मीद है.
पंकज दास