नेपाल में 5 मार्च को हुए मतदान की मतगणना जारी है. झापा के निर्वाचन क्षेत्र नंबर 5 से पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. ओली और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की तरफ से बालेन शाह आमने सामने है. मतगणना अपने अंतिम चरण में है और ऐसा लग रहा है कि ओली बुरी तरह पराजित होने वाले हैं.
ये समाचार लिखे जाने तक बालेन शाह अपने प्रतिद्वंद्वी ओली से करीब 40 हजार वोट के अंतर से आगे चल रहे हैं. बालेन शाह को अब तक 54,096 वोट मिले हैं, जबकि ओली अब तक 14,031 वोट ही बटोर पाए हैं. इस तरह से बालेन शाह 40,065 मतों की बड़ी बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में कुल 106,372 मत पड़े थे, जिनमें से अब तक 84,118 मतों की गिनती पूरी हो चुकी है. अभी भी 22,254 मतों की गिनती बाकी है.
ओली के गढ़ में बालेन ने दी चुनौती
काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा देकर बालेन शाह ने चार बार के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को उनके ही निर्वाचन क्षेत्र में जाकर चुनौती दी. वो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सीधे झापा के निर्वाचन क्षेत्र नंबर 5 से चुनावी मैदान में उतरे. बालेन के लिए ओली को उनके ही गढ़ में जाकर चुनौती देना एक बड़ा राजनीतिक रिस्क था.
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ढंग से चुनाव प्रचार भी नहीं कर पाए ओली!
लेकिन आम नेपाली जनता ओली से किस कदर नफरत करती है इसका अंदाजा शायद बालेन ने भांप लिया था. उन्होंने ओली को उनके ही घर में और उनके ही गढ़ में घेराबंदी में डाल दिया. ऐसे में ओली को पूरे चुनाव प्रचार के दौरान अपना क्षेत्र छोड़ कर किसी और क्षेत्र में प्रचार करने या सभा करने का भी मौका नहीं मिला.
बालेन शाह के जोरदार चुनावी प्रचार का असर
पूरे चुनाव प्रचार के दौरान ओली झापा के अपने निर्वाचन क्षेत्र में घर-घर घूम कर वोट मांगते नजर आए. इसी दौरान बालेन ने सातों प्रदेश और सभी प्रमुख शहरों में रोड शो किया, आम सभाएं कीं, दुर्गम क्षेत्र तक में जाकर प्रचार किया. झापा से कंचनपुर तक के भारत से सटे करीब 22 जिलों में बालेन का रोड शो हुआ जिसका नतीजा ये है कि इनमें से 95 प्रतिशत स्थानों पर उनकी पार्टी को जीत मिली है.
8 बार इस क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं ओली
ओली ने 1991 से अब तक झापा के इसी निर्वाचन क्षेत्र से 8 से बार चुनाव लड़ा. 2008 में माओवादी लहर में एक बार सिर्फ चुनाव में हारे थे. बाकी हर बार उनकी जीत हुई थी. 2017 और 2022 के आम चुनाव में ओली ने इसी क्षेत्र से 50 हजार के अंतर से चुनाव जीता था. लेकिन इस बार वो इतने ही मत से चुनाव हारने की कगार पर हैं.
इस बार ओली सिर्फ खुद चुनाव नहीं हारेंगे बल्कि उनकी पूरी पार्टी को चुनाव शर्मनाक हार मिलेगी. अब तक उनकी पार्टी सिर्फ दो स्थानों पर जीत हासिल की है जबकि 7 स्थानों पर बहुत कम के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं.
पंकज दास