मिडिल ईस्ट में जंग थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जंग आज 12वें दिन में प्रवेश कर चुकी है. तेल अवीव और येरुशलम पर अब तक चार बार मिसाइलों की बौछार हो चुकी है. पिछले कुछ दिनों की तुलना में ये हमले ज्यादा तीव्र हैं, क्योंकि पहले ज़्यादातर हमलों का फोकस उत्तरी सीमा पर था.
इजरायल पर ईरान लगातार क्लस्टर बम से हमला कर रहा है. जिन्हें वो बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए हमले में इस्तेमाल कर रहा है.
वहीं, व्हाइट हाउस ये बताने में जुटा है कि ईरान में भले अली खामेनेई के बाद मोजतबा खामेनेई आ जाएं लेकिन अमेरिकी ताकत को चुनौती कोई नहीं दे सकता. अमेरिका ईरान पर हमले करके ये तो बताता है कि वो युद्ध जीतने वाला है. लेकिन अमेरिका ये नहीं बताता है कि ईरान की मिसाइलों को रोकने में इजरायल का सुरक्षा चक्र फेल हो रहा है.
ईरान की तरफ से मिसाइल के साथ क्लस्टर बम तक से लगातार इजरायल पर वार हो रहा है. इजरायल में तेल अवीव में जहां धमाका ईरान के क्लस्टर बम वाले हमले से होता है, वहीं से आजतक संवाददाता श्वेता सिंह रिपोर्ट कर रही हैं.
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क्या होता है क्लस्टर बम?
क्लस्टर बम एक ऐसा हथियार होता है जो हवा में जाकर कई छोटे-छोटे बमों में टूट जाता है. एक बड़े बम के अंदर दर्जनों या कभी-कभी सैकड़ों छोटे बम होते हैं. जमीन पर पहुंचने से पहले ही वो 10, 20, 50 या कभी-कभी सैकड़ों छोटे-छोटे बमों में बिखर जाता है और एक बड़े एरिया में गिरकर विस्फोट करता है.
इस वजह से इसका असर सामान्य बमों के मुकाबले कई गुना ज्यादा इलाके में होता है. यही कारण है कि इसे बेहद खतरनाक हथियार माना जाता है, जिसे बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए लगातार इस युद्ध में ईरान की तरफ से इजरायल पर गिराया जा रहा है.
श्वेता सिंह