'सैनिकों को होटलों में छिपाने वाला...', US बेस पर हमलों के बाद ईरान का तंज

मिडिल ईस्ट में महाजंग जारी है. इस बीच ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं. जानकारी के मुताबिक, ईरान के हमलों के बाद अमेरिकी सैनिकों को होटलों और आम दफ्तरों में शरण लेनी पड़ी है.

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ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों पर जोरदार हमला किया है. (Photo: ITG) ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों पर जोरदार हमला किया है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:05 PM IST

मिडिल ईस्ट में भीषण जंग जारी है. यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस जंग में ईरान ने अपनी मिसाइलों और ड्रोन से मिडिल ईस्ट में मौजूद करीब 13 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इस हमले के बाद दुनिया की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली सेना को अपने ठिकानों को छोड़ना पड़ा. मजबूरी में अमेरिकी सैनिकों को शहरों में होटलों और आम दफ्तरों का सहारा लेना पड़ा है.

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ईरान के सटीक हमलों ने अमेरिका के प्रमुख सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. जानकारी के मुताबिक, कई बेस पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि कुछ इतने असुरक्षित हो गए हैं कि वहां ठहरना जान जोखिम में डालने जैसा है. हालात को देखते हुए हजारों अमेरिकी सैनिकों को जल्दबाजी में वहां से निकाला गया.

कुछ सैनिकों को सुरक्षा के लिए सीधे यूरोप भेज दिया गया, जबकि जो अब भी मिडिल ईस्ट में तैनात हैं, वे अपने असली सैन्य ठिकानों की बजाय आम नागरिक इलाकों के होटलों से काम चला रहे हैं.

वहीं, इस बीच ईरान के संसद के स्पीकर एम.बी. गालिबाफ ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका, जो अपने ही सैनिकों को क्षेत्र में मौजूद ठिकानों पर सुरक्षित नहीं रख पा रहा और उन्हें होटलों व पार्कों में छिपाकर रखता है, वह हमारी जमीन पर उनकी रक्षा कैसे कर सकता है.

ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमला

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इस बीच ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर इजराली हमले की खबर सामने आई है. ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान के न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया गया है. इस हमले में हेवी-वॉटर प्लांट और येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट को टारगेट किया गया है.

वहीं, हमले के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी और इजरायली औद्योगिक संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों से तुरंत अपने कार्यस्थल खाली करने की अपील की है. अल जज़ीरा ने ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के हवाले से बताया कि यह चेतावनी उस वक्त जारी की गई, जब एक हेवी वॉटर प्लांट और येलोकेक उत्पादन प्लांट को निशाना बनाया गया है.

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