मिडिल ईस्ट जंग की आग में धधक रहा है. अमेरिका-इजरायल मिलकर ईरान पर हमला कर रहे हैं. तो ईरान भी लगातार पलटवार करते हुए मिसाइल-ड्रोन से अमेरिकी बेसों को निशाना बनाने में जुटा हुआ है. बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल फॉक्स न्यूस से बातचीत करते हुए शंका जताई है कि ईरान को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मदद कर रहे हैं. वहीं, ट्रंप ने यूक्रेन को बोला कि ईरान के खिलाफ युद्ध में उनकी ज़रूरत अमेरिका को नहीं है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने माना कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन संभवतः ईरान की कुछ हद तक मदद कर रहे होंगे. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में युद्ध और क्षेत्रीय तनाव तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
ट्रंप ने ड्रोन रक्षा को लेकर भी अपनी राय व्यक्त की. उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस क्षेत्र में यूक्रेन से कोई मदद लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि अमेरिकी सेना इस चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम है. यह बयान उस समय आया है जब पश्चिमी देशों के कुछ अधिकारियों ने चिंता जताई थी कि रूस ईरान को ड्रोन युद्ध की रणनीतियों और तकनीकी सलाह दे रहा है.
यह भी पढ़ें: ईरान युद्ध के बीच बड़ा हादसा... अमेरिकी एयरफोर्स का टैंकर विमान इराक में गिरा, सभी 6 क्रू मेंबर्स की मौत
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों में ऐसे तरीके देखे गए हैं जो रूस के यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल किए गए ड्रोन संचालन से मिलते-जुलते हैं. यूक्रेन ने पहले अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरानी ड्रोन हमलों से निपटने के अपने अनुभव साझा करने की पेशकश की थी, क्योंकि वे इसी तरह के ड्रोन हमलों का सामना कर चुका है.
ट्रंप के बयान ने साफ़ कर दिया है कि अमेरिका खुद को ईरानी ड्रोन हमलों के खतरों से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार मानता है, जबकि रूस की ईरान को मदद देने की खबरें मिडिल ईस्ट के युद्ध क्षेत्र में जटिलता बढ़ा सकती हैं.
इनपुट: रॉयटर्स
aajtak.in