मिडिल ईस्ट में जंग जारी है. आज यह युद्ध 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है. इस बीच आजतक की टीम ने दक्षिण लेबनान से ग्राउंड रिपोर्ट दी है. दक्षिण लेबनान में इजरायली हमलों के बाद घरों को हुए नुकसान साफ तौर पर देखा जा सकता है.
इजरायली बमबारी के बाद घरों के आसपास की जमीन, पेड़-पौधों को हवाई हमले से भारी नुकसान पहुंचा है.
लगभग 100 मीटर दूर तक मौजूद दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों की खिड़कियों के शीशे भी बम धमाकों के असर से टूट गए हैं.
यहां बिजली की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं. बिजलीकर्मी लगातार आपूर्ति बहाल करने की कोशिश में लगे हैं.
अब तक सबसे गंभीर तबाही लेबनान में देखने को मिली है. यहां अबतक करीब 5 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं. इजरायली रक्षा बल (IDF) लगातार लेबनान पर हमले कर रहे हैं. बेरूत के दक्षिणी इलाकों में, जिन्हें हिज़्बुल्लाह के मज़बूत गढ़ माना जाता है, सबसे अधिक नुकसान हुआ है.
अमेरिका केवल अपने हित देखता है...
अमेरिका हमेशा अपने हितों को प्राथमिकता देता है, दुनिया के बाकी देशों के हितों को नहीं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के पास सबसे ज्यादा तेल भंडार है. अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो उससे अमेरिका को लाभ होगा.
वहीं, अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहती है तो यह स्थिति और दिलचस्प हो जाएगी. अमेरिका ने पहले दुनिया भर के जहाज़ों को कहा था कि आप निकलिए, लेकिन जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हमला किया और जहाज़ों को निकलने से रोका, तब अमेरिका ने कहा कि हम आपको सुरक्षा देंगे.
वहीं, अब अमेरिका कह रहा है कि स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुज़ को खुला रखने के लिए वो पूरी ताकत लगाएगा और तब तक संघर्ष करेगा जब तक यह सुरक्षित नहीं हो जाता. हालांकि, इसे सुरक्षित बनाना मुश्किल लग रहा है.
अशरफ वानी