पहले पुलिस अफसर था, फिर ड्रग लॉर्ड बना एल मेंचो... अमेरिका में फेंटालिन तस्करी में वॉन्टेड था

मेक्सिको के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया और 'जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' के सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा उर्फ 'एल मेंचो' की रविवार को एक सैन्य छापेमारी में मौत हो गई है. अमेरिका में फेंटालिन तस्करी के लिए वांटेड इस अपराधी पर 15 मिलियन डॉलर का इनाम था.

Advertisement
एल मेंचो सैन्य ऑपरेशन में ढेर. (Photo: ITG) एल मेंचो सैन्य ऑपरेशन में ढेर. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:28 AM IST

मैक्सिकन सुरक्षाबलों ने एक सैन्य ऑपरेशन में दुनिया के सबसे वॉन्टेड ड्रग तस्करों में से एक 'एल मेंचो' के नाम से कुख्यात नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस को ढेर कर दिया है. उसकी मौत के बाद मेक्सिको के कई राज्यों में हिंसा भड़क उठी है. वहीं, ड्रग लॉर्ड बनने से पहले एल मेंचो पुलिस में नौकरी करता था, लेकिन बाद में वह एक ड्रग कार्टेल में शामिल हो गया और धीरे-धीरे उसने दुनिया का सबसे शक्तिशाली आपराधिक संगठनों में से एक 'जालिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' (CJNG) खड़ा कर दिया. उसकी क्रूरता और अवैध गतिविधियों ने उसे सबसे खतरनाक अपराधी बना दिया था.

Advertisement

बताया जा रहा है कि अल मेंचो की खोज के लिए मैक्सिको बलों ने मैक्सिको के सुरक्षा प्रमुख उमर गार्सिया हार्फुक के नेतृत्व में एक ऑपरेशन शुरू किया, जो खुद कभी इस कार्टेल के जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे थे. उधर, अमेरिका ने अल मेंचो पर 15 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया हुआ था, क्योंकि उसका कार्टेल अमेरिका में घातक फेंटानिल जैसी दवाओं की तस्करी के लिए जिम्मेदार था. सालों को पुलिस को चकमा देने वाले कुख्यात अपराधी को आखिरकार सेना ने मार गिराया है.

कौन था एल मेंचो

एल मेंचो का जन्म 1966 में मिचोआकन इलाके में हुआ, जहां अफीम और मारिजुआना की खेती आम है. बचपन में अल मेंचो ने खेतों में मजदूरी की और इसके बाद वह अमेरिका चला गया, जहां हेरोइन तस्करी के आरोप में उसे जेल में डाल दिया. जेल और डिपोर्टेशन के बाद,वह मेक्सिको लौट और पुलिस में भर्ती हो गया. लेकिन जल्द ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया. उसने सिनालोआ कार्टेल के साथ काम शुरू किया और धीरे-धीरे अपना खुद का साम्राज्य 'CJNG' खड़ा कर लिया. इसके बाद उसने सिनालोआ के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया और देखते ही देखते मेक्सिको के सबसे प्रभावशाली माफिया के रूप में उभरा गया.

Advertisement

छह हफ्तों में दो दर्जन पुलिसकर्मियों की हत्या

एल मेंचो अपनी क्रूरता के लिए कुख्यात था. उसके गिरोह ने विरोधियों को डराने के लिए सिर कलम करने जैसे जघन्य तरीके अपनाया हुआ था. साल 2015 में उसने खुद को पकड़ने आए सैन्य हेलीकॉप्टर को रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से गिरवा दिया था, ताकि वह भाग सके. उसी साल उसके गिरोह ने चेतावनी के तौर पर छह हफ्तों के अंदर दो दर्जन पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. 'अल चैपो' की गिरफ्तारी के बाद वह मेक्सिको का सबसे बड़ा इनाम बन गया था, जो सोशल मीडिया पर धमकियों भरे वीडियो के लिए जाना जाता था.

इमेज सुधारने की कोशिश

विशेषज्ञों का कहना है कि अल मेनचो ने अपनी सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर राजनेताओं और पुलिस को रिश्वत देकर खरीदा था. उसने कोरोना महामारी के दौरान लोगों को भोजन के पैकेट बांटकर अपनी छवि एक रक्षक जैसी बनाने की कोशिश की थी, जिससे उसे एक मजबूत सामाजिक आधार मिला.

आपको बता दें कि एल मेंचो ड्रग्स के अलावा ईंधन चोरी, जबरन श्रम और मानव तस्करी जैसे अवैध धंधों में भी लिप्त था. उसकी मौत को मेक्सिको और अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement