अमेरिकी कोर्ट में मादुरो की पहली पेशी आज... ड्रग केस में गिरफ्तारी को चुनौती देने उतरेंगे वकील

अपदस्थ वेनेजुएला नेता निकोलस मादुरो सोमवार को न्यूयॉर्क के मैनहैटन स्थित फेडरल कोर्ट में पहली बार पेश होंगे. उन पर अमेरिका में ड्रग तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप हैं. यह पेशी ऐसे समय हो रही है, जब उनकी गिरफ्तारी की वैधता और राष्ट्रपति इम्युनिटी को लेकर कानूनी बहस तेज होने वाली है.

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निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला से गिरफ्तार किया है. निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला से गिरफ्तार किया है.

aajtak.in

  • न्यूयॉर्क,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:55 AM IST

वेनेजुएला के अपदस्थ नेता निकोलस मादुरो सोमवार को मैनहैटन फेडरल कोर्ट में आरोप तय होने की प्रक्रिया के लिए पेश होंगे. अमेरिका ने मादुरो पर ड्रग तस्करी से जुड़े आरोप लगाए हैं. न्यूयॉर्क की अदालत में यह उनकी पहली पेशी होगी.

मादुरो की राह वही हो सकती है, जो कभी पनामा के तानाशाह मैनुअल नोरिएगा ने तय की थी. फर्क सिर्फ इतना है कि बहस फिर वही है- क्या किसी अपदस्थ नेता पर अमेरिका मुकदमा चला सकता है.

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एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, कानूनी जानकारों का कहना है कि मादुरो का मामला पनामा के पूर्व शासक मैनुअल नोरिएगा की याद दिलाता है. नोरिएगा को भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया गया था और बाद में अमेरिका में ट्रायल का सामना करना पड़ा था.

मादुरो को शनिवार को गिरफ्तार किया गया और यह संयोग ही है कि यह गिरफ्तारी नोरिएगा को अमेरिकी बलों द्वारा हटाए जाने के 36 साल पूरे होने के दिन हुई.

इम्युनिटी का तर्क, लेकिन कामयाबी मुश्किल

मादुरो के वकील उनकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने की तैयारी में हैं. उनका तर्क होगा कि मादुरो एक संप्रभु विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं और इस हैसियत से उन्हें अभियोजन से इम्युनिटी मिलनी चाहिए. यह अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून का एक बुनियादी सिद्धांत माना जाता है.

हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक यह दलील अदालत में टिकना मुश्किल है. नोरिएगा के ट्रायल में यह सवाल कानूनन काफी हद तक सुलझ चुका है.

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अमेरिका मादुरो को वैध नेता नहीं मानता

विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई को लेकर संवैधानिक सवाल उठ रहे हों, क्योंकि इसे कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिली थी, लेकिन एक बार मादुरो अमेरिका की हिरासत में हैं तो अदालतें उनके अभियोजन को मंजूरी दे सकती हैं.

इसका बड़ा कारण यह है कि अमेरिका मादुरो को वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति नहीं मानता, ठीक उसी तरह जैसे उसने नोरिएगा को भी अपने समय में वैध नेता के रूप में मान्यता नहीं दी थी.

संवैधानिक बहस अलग, लेकिन कोर्ट की दिशा साफ...

विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑपरेशन को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर संवैधानिक बहस हो सकती है, लेकिन इसका असर मादुरो के आपराधिक मुकदमे पर सीमित रहने की संभावना है. अमेरिकी न्याय व्यवस्था इस आधार पर आगे बढ़ सकती है कि आरोपी को वैध राष्ट्राध्यक्ष का दर्जा हासिल नहीं है.

सोमवार की पेशी के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि मादुरो की कानूनी टीम किस रणनीति के साथ आगे बढ़ती है और अमेरिकी अदालत इस हाई-प्रोफाइल मामले को किस दिशा में ले जाती है.

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