'IRGC को आतंकी घोषित करे भारत', इजरायल की बड़ी अपील, ईरान को लेकर कही ये बात

ईरान के साथ संघर्ष विराम के बीच इजरायल ने भारत से बड़ी कूटनीतिक अपील की है. इजरायल चाहता है कि भारत ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित करे. उसका दावा है कि IRGC का प्रभाव अब मध्य पूर्व से बाहर वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन चुका है.

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इजरायल का भारत पर दबाव, तेहरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने को कहा. (Photo: Reuters) इजरायल का भारत पर दबाव, तेहरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने को कहा. (Photo: Reuters)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:22 PM IST

ईरान के साथ संघर्ष विराम के बीच इजरायल ने भारत से बड़ी कूटनीतिक अपील की है. इजरायल चाहता है कि भारत ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित करे. उसका दावा है कि IRGC का प्रभाव अब मध्य पूर्व से बाहर वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन चुका है.

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान के साथ संघर्ष-विराम के बीच इजरायल ने भारत से बड़ा कूटनीतिक कदम उठाने की अपील की है. इजरायल ने कहा है कि वो ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित करे और तेहरान के प्रति सख्त रुख अपनाए.

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जानकारी के मुताबिक, इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के सामने IRGC के बढ़ते क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि IRGC की गतिविधियां अब केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका असर दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है.

इजरायल के विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान अधिकारियों ने इंडिया टुडे को बताया कि दिल्ली के साथ कई कूटनीतिक स्तरों पर इस मुद्दे को उठाया गया है. भारत को IRGC की गतिविधियों और उसके प्रभाव से जुड़े इनपुट और सूचनाएं भी साझा की गई हैं.

एक अधिकारी ने कहा, ''भारत से हमारी एक उम्मीद यह है कि वह IRGC के खिलाफ कार्रवाई करे. कई देश पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुके हैं.'' इजरायल का मानना है कि IRGC को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता को देखते हुए भारत को भी इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

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इजरायली अधिकारियों ने बातचीत में ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ के कई सदस्य देशों का भी जिक्र किया, जिन्होंने IRGC से जुड़े प्रतिबंध और पाबंदियां लागू की हैं. उनका कहना है कि यह मुद्दा अब केवल मध्य पूर्व की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक सुरक्षा बहस का हिस्सा बन चुका है.

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि भारत के रणनीतिक संबंध इजरायल और ईरान दोनों के साथ मजबूत हैं. भारत लंबे समय से दोनों देशों के साथ संतुलित कूटनीतिक संबंध बनाए हुए है. इसी महीने की शुरुआत में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भारत दौरे पर आए थे. 

इस दौरान उन्होंने दिल्ली और तेहरान के रिश्तों को मजबूत और ऐतिहासिक बताया था. इजरायली अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल से लागू संघर्ष-विराम से पहले क्षेत्र में कई हफ्तों तक सैन्य तनाव बना रहा, जिसका असर वैश्विक बाजारों और ऊर्जा मार्गों पर भी पड़ा था.

इजरायल ने 7 अक्टूबर 2023 के हमलों का भी ज़िक्र किया. अधिकारियों का दावा है कि हमास को लेकर भी भारत के सामने अपनी चिंताएं कई बार जताई गई हैं. हालांकि भारत ने 7 अक्टूबर के हमलों की कड़ी निंदा की थी, लेकिन अब तक न तो हमास और न ही IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित किया है.

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