ईरान जंग के बीच बंद अल-अक्सा मस्जिद में कुर्बानी की तैयारी! मुसलमानों का गुस्सा भड़का

ईरान के साथ युद्ध के बीच इजरायल ने यरूशलम स्थित अल-अक्सा मस्जिद को बंद रखा है. इस बीच यरुशलम में इजरायली बस्तियों में रह रहे लोग मस्जिद परिसर में पशुओं की कुर्बानी देने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे मुसलमानों में आक्रोश फैल गया है.

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ईरान से जंग के बीच इजरायल ने महीनेभर से अल-अक्सा मस्जिद को बंद कर रखा है (File Photo: AFP) ईरान से जंग के बीच इजरायल ने महीनेभर से अल-अक्सा मस्जिद को बंद कर रखा है (File Photo: AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

ईरान के खिलाफ युद्ध की शुरुआत से ही इजरायल ने मुसलमानों के पवित्र स्थल यरुशलम स्थित अल-अक्सा मस्जिद को बंद कर रखा है. इस बीच इजरायल की तरफ से एक ऐसी कोशिश हो रही है जिसने मुसलमानों को भड़का दिया है. शहर के गवर्नरेट ने चेतावनी दी है कि कब्जे वाले यरुशलम में इजरायली बस्तियों में रहने वाले लोग अल-अक्सा मस्जिद परिसर में पशुओं की कुर्बानी देने की कोशिश कर रहे हैं. गवर्नरेट ने कहा है कि यह एक खतरनाक उकसावा है जिसका मकसद मस्जिद परिसर के भीतर नए धार्मिक अनुष्ठानों को लागू करना है.

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रविवार शाम जारी बयान में गवर्नरेट ने कहा कि ये कोशिशें ऐसे समय हो रही हैं जब इजरायली अधिकारियों ने ईरान जंग के बीच लगातार 30वें दिन भी अल-अक्सा मस्जिद को बंद रखा हुआ है. इजरायल ने पूरे रमजान मस्जिद को बंद रखा और ईद के मौके पर भी नमाजियों को मस्जिद के भीतर नहीं जाने दिया.

यरुशलम गवर्नरेट के मुताबिक, इन कदमों के जरिए धार्मिक अनुष्ठानों का इस्तेमाल कर अल-अक्सा मस्जिद के 'यहूदीकरण' की कोशिश की जा रही है. बस्तियों में रहने वाले इजरायली यहूदी योजना के तहत अपने पर्व पासओवर के दौरान परिसर के भीतर मेमने या बकरियों जैसे जानवरों को लाकर उनकी बलि देने की तैयारी में हैं.

'एआई के जरिए अल-अक्सा में लोगों को कुर्बानी के लिए उकसाया जा रहा'

बयान में कहा गया है कि तथाकथित 'टेंपल माउंट संगठन' अल-अक्सा की बंदी का फायदा उठाकर अपने समर्थकों को उकसा रहे हैं. इसके लिए वो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एआई से तैयार की गई तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि लोग इनसे प्रेरित होकर कुर्बानी के लिए अधिक से अधिक संख्या में आगे आए.

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गवर्नरेट ने बताया कि 2025 में भी इजरायल की तरफ से तीन ऐसी खतरनाक कोशिशें हुई थीं जिनमें मस्जिद परिसर के अंदर जानवरों की बलि दी गई या खून से सना मांस लाया गया. इसे एक सुनियोजित कोशिश बताया गया है, जिसका मकसद मस्जिद के अंदर नई स्थिति थोपना है.

गवर्नरेट की तरफ से चेतावनी दी गई है कि ये कोशिश इजरायल के दक्षिणपंथी और धार्मिक समूहों की विचारधारा से जुड़ी हैं जो इस ऐतिहासिक स्थल पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं.

गवर्नरेट ने यह भी कहा कि 2 से 9 अप्रैल के बीच होने वाले यहूदी पर्व पासओवर के दौरान स्थिति और बिगड़ सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के घटनाक्रम अल-अक्सा मस्जिद की पवित्रता और उसके दर्जे के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं.

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