लेबनान पर ताबड़तोड़ हमलों के बाद अब इजरायल ने बातचीत के संकेत दिए हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनकी सरकार लेबनान के साथ सीधे शांति वार्ता शुरू करने के लिए तैयार है.
नेतन्याहू ने बताया कि लेबनान की तरफ से कई बार बातचीत की अपील की गई थी, इसलिए उन्होंने कैबिनेट को जल्द से जल्द सीधे बातचीत शुरू करने का निर्देश दिया है. उन्होंने साफ किया कि बातचीत का मुख्य मुद्दा हिज्बुल्लाह को हथियार छोड़ने और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण रिश्ते बनाने पर होगा.
हालांकि, अभी तक इस बातचीत के लिए कोई तय तारीख या जगह सामने नहीं आई है. एक लेबनानी अधिकारी के मुताबिक, बातचीत से पहले सीजफायर यानी युद्धविराम जरूरी है, ताकि माहौल थोड़ा शांत हो सके.
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने भी साफ कहा कि बिना सीजफायर के कोई बातचीत आगे नहीं बढ़ सकती. उन्होंने कहा कि पहले हिंसा रुके, उसके बाद ही असली बातचीत शुरू हो सकती है.
वहीं लेबनान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि बेरूत इजरायल के साथ बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए एक अस्थायी सीजफायर पर ज़ोर दे रहा है. अधिकारी ने कहा कि कोई भी बातचीत एक अलग रास्ते पर, लेकिन उसी मॉडल पर आगे बढ़ेगी, जैसा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान और अमेरिका के बीच हुए संघर्ष-विराम के मामले में हुआ था.
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लेबनान को इजरायल के साथ किसी भी संभावित समझौते के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की गारंटी की आवश्यकता होगी.
इसी बीच यह भी जानकारी है कि पहली संभावित बैठक वॉशिंगटन डीसी में हो सकती है, जहां अमेरिका मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है. लेबनान चाहता है कि किसी भी समझौते में अमेरिका गारंटी दे.
दूसरी तरफ, जमीनी हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण हैं. हिज्बुल्लाह लगातार इजरायल के बॉर्डर इलाकों पर रॉकेट दाग रहा है. इजरायल की सेना का कहना है कि ये हमले ज्यादातर खुले इलाकों में गिरे हैं.
ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर सीजफायर का उल्लंघन हुआ, तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा.
बता दें कि हाल ही में इजरायल ने लेबनान के बेरूत, बेका वैली और दक्षिणी हिस्सों में बड़े हमले किए, जिनमें 250 से ज्यादा लोगों की मौत हुई. वहीं, लेबनान का दावा है कि अब तक करीब 1700 लोग मारे जा चुके हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. दूसरी तरफ, इजरायल का कहना है कि उसने हाल के हमलों में 200 से ज्यादा हिज्बुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.
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