इजरायल ने जंग में ईरान को दो बड़े झटके दिए. पहले इजरायल ने ईरान के इंटेलिजेंस चीफ को एक ऑपरेशन में मार डाला इसके कुछ घंटे बाद इजरायल ने ईरान के प्रमुख मारक दस्ते इमाम हुसैन के बड़े कमांडरों को ढेर कर दिया. इजरायल ने कहा है कि रविवार को IDF की खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए इजरायली वायु सेना ने 'इमाम हुसैन' डिवीजन के मुख्यालय पर हमला किया और संगठन के आर्टिलरी प्रमुख कामिल मेलहेम को और डिवीजन कमांडर याह्या हुसैन के सहयोगियों सहित अन्य सैन्य अफसरों को मार गिराया.
इजरायल का आरोप है कि मेलहम इजरायल स्टेट और IDF सैनिकों पर तोपखाने से किए जाने वाले हमलों का निर्देश दिया और उनकी मॉनिटरिंग की. वे डिवीज़न के प्रमुख कमांडरों में से एक थे.
मेलहेम ने हथियारों की खरीद में हिस्सा लिया और एक अतिरिक्त भूमिका में डिवीज़न कमांडर के लिए चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर काम किया.
'इमाम हुसैन' डिवीज़न एक ऐसी सैन्य शक्ति के तौर पर काम करता है जिसका इस्तेमाल कुद्स फोर्स एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंट को मजबूत करने और IDF सैनिकों और इजरायल पर हमले के लिए करती है.
कामिल मेलहेम के मारे जाने से "इमाम हुसैन" डिवीज़न की क्षमता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है.
ईरान के इंटेलिजेंस चीफ भी मारे गए
इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने सोमवार को घोषणा की कि इज़रायल वायु सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की इंटेलिजेंस के प्रमुख माजिद खादेमी को भी मार डाला.
इजराइल काट्ज़ ने कहा कि सेना ईरानी नेतृत्व के एक एक नेताओं को खोज खोजकर निकालेगी.
IDF के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल आयल जमीर और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ स्थिति का आकलन करने वाली बैठक के बाद अपने संबोधन में काट्ज़ ने कहा, "ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड नागरिकों पर गोली चलाते हैं और हम आतंकवादियों के सरगनाओं को खत्म करते हैं."
"ईरान के नेता हमेशा इस डर में जीते हैं कि उनका कोई पीछा कर रहा है. हम उन्हें एक-एक करके ढूंढकर खत्म करते रहेंगे." इज़रायल के मंत्री ने चेतावनी दी.
उन्होंने कहा कि इजरायल ईरान के आर्थिक आधार और मिसाइल बनाने की क्षमताओं को कमजोर करने के लिए उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखेगा.
बता दें कि खादेमी ने कुछ महीने पहले IRGC इंटेलिजेंस प्रमुख का पद संभाला था; उनसे पहले इस पद पर मोहम्मद काज़ेमी थे. काजेमी जून 2025 के युद्ध में मारे गए थे.
युद्ध विराम पर वार्ता तेज
इस बीच इजरायल की स्थानीय मीडिया ने बताया कि युद्धविराम पर बातचीत के लिए जोरदार कूटनीतिक प्रयास चल रहे थे. ये प्रयास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद शुरू हुए थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मंगलवार की समय सीमा तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो वह ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बमबारी कर देंगे.
ट्रंप ने रविवार को अमेरिकी वेबसाइट Axios को बताया कि उनके दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरानी नेतृत्व के साथ "गहन बातचीत" कर रहे थे, लेकिन अगर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कोई समझौता नहीं हुआ, तो वह "सब कुछ उड़ा देंगे."
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