इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) और इजरायली सुरक्षा एजेंसी (ISA) ने एक संयुक्त सैन्य अभियान में हमास कमांडर मोहम्मद अल-हबील और इस्लामिक जिहाद के अली राजियाना को मार गिराया है. अल-हबील पर इजरायली कॉर्पोरल नोआ मार्सियानो की कैद के दौरान बेरहमी से हत्या करने का आरोप था. वहीं राजियाना उत्तरी गाजा ब्रिगेड में इस्लामिक जिहाद का मुख्य कमांडर था.
IDF के अनुसार, यह एयरस्ट्राइक सीजफायर (युद्धविराम) के उल्लंघन के जवाब में की गई. नोआ मार्सियानो को 7 अक्टूबर के हमले के दौरान नाहल ओज़ पोस्ट से अगवा किया गया था. वह इजरायली सेना में एक ऑब्जर्वर के रूप में तैनात थीं. कैद में रहने के दौरान उनकी हत्या की खबर ने इजरायल में भारी आक्रोश पैदा किया था.
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया के जरिए इस 'एलिमिनेशन' (खात्मे) की पुष्टि करते हुए कहा कि इस कार्रवाई से मार्सियानो परिवार को न्याय मिला है. इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ हिंसा करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगा.
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इजरायली सेना ने स्पष्ट किया कि यह हमला रात भर हुए युद्धविराम (सीजफायर) के खुले उल्लंघन के जवाब में किया गया है. अली राजियाना न केवल आतंकियों की तैनाती और संगठन की रक्षा योजना बनाने का जिम्मेदार था, बल्कि पूरे युद्ध के दौरान उत्तरी गाजा में बंधकों को कैद में रखने की निगरानी भी वही कर रहा था.
IDF के अनुसार, यह एयरस्ट्राइक उन आतंकवादियों को निशाना बनाकर की गई थी जो इजरायल राज्य और उसके नागरिकों के खिलाफ गंभीर हमलों में शामिल रहे हैं. राजियाना का मारा जाना इस्लामिक जिहाद के लिए एक बड़ा सैन्य झटका माना जा रहा है.
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