लेबनान और इजरायल की सीमा पर हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. इजरायल अब दक्षिणी लेबनान में हर हद तक जाने के लिए तैयार है. सीमा के पास इजरायली सेना ने टैंक और आर्मर्ड गाड़ियों के साथ अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है. उसकी ओर से बड़े पैमाने पर सैन्य तैयारी की जा रही है. इजरायली सेना का कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के लड़ाकों और उनके ठिकानों को निशाना बना रही है.
इजरायल का दावा है कि दक्षिणी लेबनान के कई गांवों से उसके इलाकों पर रॉकेट और एंटी-टैंक मिसाइल से हमले किए जा रहे हैं. इसी वजह से सेना लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए इन ठिकानों को तबाह कर रही है. दक्षिणी लेबनान में स्थित लेटानी नदी के दक्षिण में बसे गारबेह गांव में हालात बेहद दर्दनाक हैं. यहां इजरायली बमबारी में 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं.
इजरायल की एयर स्ट्राइक में दो घरों को निशाना बनाया गया था, जिनमें दो परिवार रहते थे. इस हमले में दोनों परिवारों के कुल 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां की स्थिति किसी भी तरह से गाजा पट्टी से कम नहीं है. बमबारी के बाद कई जगहों से शवों के टुकड़े बरामद किए जा रहे हैं. एक बच्चे के शव के हिस्से भी मलबे से मिले, जिन्हें पॉली बैग में रखकर दफनाने की तैयारी की जा रही है.
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लेबनान के 52 गांवों को खाली करने का आदेश
इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के करीब 52 गांवों को खाली करने का आदेश भी दिया है. इन इलाकों में लोगों को सिर्फ 5 मिनट का समय दिया जाता है और उसके तुरंत बाद बमबारी शुरू हो जाती है. इजरायल का कहना है कि उसने सिर्फ 24 घंटों में हिजबुल्लाह से जुड़े करीब 30 ठिकानों को निशाना बनाया है. हालिया हमलों में अब तक 486 लोगों की मौत हो चुकी है और 1300 से अधिक लोग घायल हुए हैं.
हिजबुल्लाह को जड़ से खत्म करने का है प्लान
इजरायल अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हिजबुल्लाह की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति पर भी काम कर रहा है. उसकी सेना का दावा है कि जिन संस्थाओं और इस्लामिक बैंकों को निशाना बनाया जा रहा है, वहां से हिजबुल्लाह को फंडिंग मिलती थी और इन पैसों का इस्तेमाल हथियार खरीदने और लड़ाकों को भुगतान करने के लिए किया जाता था. दक्षिणी लेबनान का तटीय शहर Tyre भी भारी बमबारी का शिकार हुआ है.
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भूमध्यसागर के किनारे बसा यह ऐतिहासिक शहर अब कई जगहों पर मलबे में तब्दील होता दिखाई दे रहा है. इजरायल का मानना है कि 7 अक्टूबर, 2023 के हमले के बाद उसे हिजबुल्लाह के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का मौका मिला है. संगठन के प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत के बाद भी हिजबुल्लाह पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. ऐसे में इजरायल अब इस संघर्ष को आर-पार की लड़ाई के रूप में देख रहा है और संगठन के सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक ढांचे को पूरी तरह खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहा है.
अशरफ वानी