वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के बीच इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने साफ संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान अभी खत्म होने वाला नहीं है. IDF का कहना है कि ऑपरेशन रोरिंग लायन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी सैन्य लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते.
इंडिया टुडे TV के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में IDF के डिप्टी इंटरनेशनल प्रवक्ता लेफ्टिनेंट बेन कोहेन ने कहा कि उनके अभियान का मकसद ईरान के सैन्य ढांचे को पूरी तरह खत्म करना है. उन्होंने कहा, "हमारे लक्ष्य बहुत साफ हैं. जब तक हम उसे हासिल नहीं कर लेते, तब तक आगे बढ़ते रहेंगे."
लेफ्टिनेंट बेन कोहेन ने बताया कि इजरायल और उसके सहयोगियों ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. उनके मुताबिक, अब तक ईरान के 70 प्रतिशत से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर बेकार किए जा चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि इजराइल ने हवाई बढ़त हासिल कर ली है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने हजारों लक्ष्यों पर हमले किए हैं. इन हमलों में मिसाइल भंडार, निर्माण स्थलों और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम को निशाना बनाया गया है. इसके बावजूद मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, "जब हमें लगेगा कि लक्ष्य हासिल हो गए हैं, तब हम रुकेंगे.''
IDF ने ईरानी नागरिकों को रात 9 बजे के बाद रेल नेटवर्क से दूर रहने की चेतावनी दी थी. इस पर सवाल उठने लगे कि क्या नागरिक ढांचे को निशाना बनाया जाएगा. कोहेन ने बचाव करते हुए कहा कि यह अग्रिम चेतावनी की नीति का हिस्सा है. इजरायल का युद्ध आम नागरिकों के खिलाफ नहीं है.
उन्होंने कहा कि इजरायल ईरानी शासन के खिलाफ है. यदि किसी नागरिक ढांचे का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए होता है, तो उसको निशाना बनाया जा सकता है. नागरिकों की मौत को लेकर उठ रहे सवालों पर कोहेन ने कहा कि केवल आंकड़ों के आधार पर तुलना करना सही नहीं है.
उन्होंने दावा किया कि इजरायल नागरिकों की सुरक्षा के लिए चेतावनी और रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल करता है. वहीं उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वो आबादी वाले इलाकों में सैन्य संसाधन तैनात करता है. उन्होंने इजरायल के हाइफा में हुए एक हमले का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि एक मिसाइल रिहायशी इमारत पर गिरी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. उन्होंने कहा, "यह एक आम नागरिक का घर था, यही ईरान की सैन्य रणनीति की असलियत है." संभावित बड़े लक्ष्यों को लेकर पूछे गए सवाल पर कोहेन ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया.
उन्होंने कहा कि इजरायल का फोकस सैन्य और सरकारी ढांचे पर है. हमले से पहले कानूनी समीक्षा की जाती है ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन हो. फिलहाल, IDF के रुख से साफ है कि यह अभियान लंबा चलेगा. ईरान की सैन्य ताकत को खत्म करने तक पीछे हटने के मूड में नहीं है.
प्रणय उपाध्याय