ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में हालात लगातार नाजुक होते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई डेडलाइन के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखता है, तो उस पर भीषण हमला होगा. इस बीच पाकिस्तान और मिस्र ने तनाव कम करने पर जोर दिया है.
मंगलवार सुबह पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती से बातचीत की है. यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब क्षेत्र में हालात तेजी से बदल रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान मौजूदा हालात पर चर्चा की है और तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस बात पर सहमति बनी कि हालात के अनुसार वे एक-दूसरे के संपर्क में बने रहेंगे. बातचीत में यह भी स्पष्ट हुआ कि क्षेत्रीय स्तर पर संवाद और कूटनीति के जरिए ही मौजूदा संकट का समाधान निकाला जा सकता है. दोनों देशों ने इस दिशा में साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है.
दरअसल, पाकिस्तान क्षेत्रीय देशों के सहयोग से अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए कूटनीतिक संपर्क बना रहा है. इसी कड़ी में मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती ने भी अन्य प्रमुख नेताओं से संपर्क साधा है. उन्होंने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और इराक के विदेश मंत्री फौद हुसैन से भी बात की है.
मिस्र के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में तेजी से बदलते हालात का जायजा लिया गया. इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने और आपसी समझ विकसित करने के उपायों पर चर्चा की गई. कुल मिलाकर, ट्रंप की डेडलाइन नजदीक आते ही क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.
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