US-Israel and Iran War Live Updates: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 15वां दिन है. 28 फरवरी से शुरू हुई जंग अब तक किसी अंजाम तक नहीं पहुंची है. हमले का बदला लेते हुए ईरान ने खाड़ी देशों में कई जगहों पर बमबारी की है. ईरान ने उस होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया है, जहां से दुनिया का 20% कच्चा तेल गुजरता है. यहां से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान हमला कर रहा है. हालांकि, ईरान ने अपने दोस्त भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया है. भारत आने वाले दो LPG टैंकर को ईरान ने रास्ता दे दिया है.
इस बीच अमेरिका ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई समेत 10 ईरानी नेताओं को आतंकी घोषित करते हुए इन पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है. अमेरिका का आरोप है कि ये लोग ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े नेटवर्क का संचालन करते हैं, जो दुनियाभर में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं. मिडिल ईस्ट जंग की पल-पल की अपडेट जानने के लिए इस पेज से जुड़े रहें:-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चर्चा की है. रिपोर्ट के मुताबिक, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्होंने चीन के राष्ट्रपति से इस युद्ध के बारे में चर्चा की है, तो उन्होंने जवाब दिया. हां, मैंने उनसे बात की है. हम उनके साथ कई अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. सिर्फ यही नहीं, बल्कि उनसे अन्य विषयों पर भी बातचीत हो रही है.
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की 14 मार्च को पश्चिम एशिया क्षेत्र से आने-जाने वाली 80 फ्लाइट्स उड़ान भरेंगी. ये एयरलाइंस प्रमुख शहरों के लिए अपनी नियमित सेवाएं जारी रखेंगी, जिनमें जेद्दाह से आने-जाने वाली 10 उड़ानें और मस्कट से आने-जाने वाली 8 निर्धारित उड़ानें शामिल हैं.
अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से 50,000 से अधिक अमेरिकी नागरिक मिडिल ईस्ट से वापस अमेरिका लौट चुके हैं. उन्होंने बताया कि संकट के दौरान विदेश विभाग ने करीब 34,000 अमेरिकी नागरिकों को सीधे सुरक्षा संबंधी सलाह और यात्रा सहायता दी है. उन्होंने ये भी कहा कि विभाग ने मदद मांगने वाले हर अमेरिकी नागरिक से संपर्क किया है और क्षेत्र से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोगों को जरूरी सहयोग और जानकारी उपलब्ध कराई.
हिज्बुल्लाह नेता नईम कासिम ने शुक्रवार रात दिए गए टेलीविजन संबोधन में कहा कि यह जंग हमारे अस्तित्व की है. ईरान समर्थित इस सशस्त्र संगठन के नेता ने कहा कि पिछले 15 महीनों से लगभग रोजाना हो रहे इजराइली हमलों के दौरान युद्धविराम होने के बावजूद लेबनान की सरकार देश और उसके लोगों की रक्षा करने में नाकाम रही है. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया और देश के सर्वोच्च नेता की हत्या कर दी. ऐसे में हिज्बुल्लाह ने यह फैसला किया कि इजराइल पर फिर से हमले शुरू करने का यही सही समय है. कासिम ने कहा कि संगठन लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. इस जंग को भड़काने के लिए हिज्बुल्लाह जिम्मेदार नहीं है. इसके लिए उन्होंने अमेरिका और इजराइल की आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि हार और आत्मसमर्पण हमारे शब्दकोश में नहीं है. उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह अंत तक लड़ता रहेगा.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह पूछा गया कि ऐसी खबरें हैं कि ईरान के सुप्रीम लीडर घायल हो गए हैं. इस पर वेंस ने कहा कि असल में यह पूरी तरह साफ नहीं है. वहां की स्थिति काफी अराजक है. इजराइल भी हमले कर रहा है और अमेरिका भी कई ठिकानों पर कार्रवाई कर रहा है. हमें इतना पता है कि वह घायल हुए हैं. चोट कितनी गंभीर है, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि उन्हें चोट लगी है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पेरिस में ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी से मुलाकात की. जेलेंस्की ने बताया कि हमने ईरान और मिडिल ईस्ट की स्थिति के साथ-साथ अमेरिका के ऑपरेशन पर भी विस्तार से चर्चा की. इस दौरान पहलवी और उनकी टीम ने मुझे उन संकेतों के बारे में जानकारी दी, जो उन्हें देश के भीतर से मिल रहे हैं. यह बेहद महत्वपूर्ण है कि ईरानी शासन को इससे कोई लाभ न मिले और ईरान की जनता को अपने जीवन की अधिक सुरक्षा और अपने भविष्य का फैसला स्वयं करने के अधिक अवसर मिलें. हमने इस बात पर भी चर्चा की कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और संयुक्त प्रयास इस लक्ष्य को हासिल करने में कैसे मदद कर सकते हैं.
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन वास्तव में एक ऐसे स्वतंत्र ईरान को देखना चाहता है जो रूस के साथ सहयोग न करे और मध्य पूर्व, यूरोप और दुनिया को अस्थिर न करे. मैं उनका आभारी हूं कि उन्होंने यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन का स्पष्ट आश्वासन दिया.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि मौजूदा संघर्ष के दौरान पूरे लेबनान में इजरायली हमलों में मारे गए लोगों में 100 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं.
इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा कि उसने पिछले दो हफ्तों में 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के तहत ईरान में लगभग 7,600 हमले किए हैं. सेना के अनुसार, 2,000 से ज्यादा हमलों में ईरानी शासन के मुख्यालयों और संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जबकि लगभग 4,700 हमले ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर किए गए. इजरायल ने दावा किया कि इस अभियान ने ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को काफी कमजोर कर दिया है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में लेबनान में इजरायली ऑपरेशन्स के दौरान हिज्बुल्लाह के 380 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं. सेना ने कहा कि ये हमले इस ग्रुप के मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉन्च साइट्स और ऑपरेशनल कमांड सेंटर्स पर केंद्रित थे. इजरायल की सेना ने बताया कि उसने लेबनान में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाते हुए 1,100 से ज्यादा हमले किए हैं.