वेस्ट एशिया की जंग में भले ही हमले रुके हुए हैं, लेकिन तनाव बरकरार है. शांति की कोशिश में हो रही सारी बातचीत लंबी खिंचती जा रही हैं. अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी कोई बात नहीं बन पाई है. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तेहरान के दिए नए प्रपोजल को खारिज किए जाने से, तनाव और बढ़ गया है. इसी माहौल में ईरान की सेना ने नया दवा करके चौंका दिया है. आर्मी ने कहा है कि वह जल्द ही नए 'वेपन' के बारे में बताएगी, जिससे उसके दुश्मन भीतर तक हिल जाएंगे.
ईरानी नौसेना ने किया 'नए वेपन' का दावा!
ईरान की नौसेना के कमांडर शहराम ईरानी ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य बहुत जल्द अपने दुश्मनों को ऐसे हथियार से सामना कराएगा, जो 'उनके बिल्कुल करीब' मौजूद है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'मुझे उम्मीद है कि उन्हें हार्ट अटैक नहीं आएगा.'
बढ़ती आक्रामक बयानबाजी और दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच, ईरानी सेना ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि हालिया संघर्ष में कोई भी पक्ष जल्दी जीत हासिल कर सकता है. उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच अब सिर्फ 'मजाक' बन चुकी है. नौसेना कमांडर के मुताबिक, 28 फरवरी से संघर्ष तेज होने के बाद ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर कम से कम 100 जवाबी हमले किए हैं. उनका दावा है कि ये हमले पश्चिम एशिया के एक बड़े क्षेत्र में फैले "संवेदनशील" ठिकानों पर किए गए.
अमेरिका को सीधी चेतावनी!
उन्होंने चेतावनी दी, 'अगर अमेरिका अपनी जिद को जारी रखता है और ईरान की शर्तों को खारिज करता है, तो दुश्मन को जल्द ही एक अलग तरह की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा.' शहराम ईरानी ने अमेरिका पर यह भी आरोप लगाया कि संघर्ष के दौरान उसने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है, जिसमें अतिरिक्त युद्धपोत और मिसाइल प्लेटफॉर्म तैनात किए गए हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआती नेवल अटैक विफल रहे और वे अब भी फंसे हुए हैं.
इस बीच, ईरान संघर्ष को खत्म करने के प्रयास कई रुकावटों में फंसा हुआ है. डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ईरान ने सुझाव दिया था कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को युद्ध समाप्त होने और समुद्री विवाद सुलझने के बाद तक टाल दिया जाए, लेकिन वॉशिंगटन का कहना है कि परमाणु मुद्दों पर बातचीत शुरुआत से ही होनी चाहिए.
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