'ट्वीट से जंग नहीं रुकेगी, तुम्हें तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक...', ईरान की राष्ट्रपति ट्रंप को सीधी धमकी

28 फरवरी से जारी ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है. इस युद्ध में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और कई सैन्य व ऊर्जा ठिकाने तबाह हो चुके हैं.

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को ईरानी नेता अली लारीजानी ने धमकी दी है (File Photo- ITG) अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को ईरानी नेता अली लारीजानी ने धमकी दी है (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:41 AM IST

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है. लारिजानी ने कहा कि युद्ध शुरू करना आसान हो सकता है, लेकिन इसे चंद ट्वीट्स के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक ट्रंप अपनी गलती स्वीकार कर उसकी कीमत नहीं चुकाता.

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अली लारीजानी ने ट्रंप के उन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है जिसमें उन्होंने युद्ध को जल्द खत्म करने की बात कही थी. लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, 'ट्रंप कहते हैं कि वे त्वरित जीत की तलाश में हैं. लेकिन युद्ध शुरू करना आसान बात है, जबकि उसे कुछ ट्वीट से खत्म नहीं किया जा सकता. हम आपको तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक आप अपनी गलती मानकर उसकी कीमत नहीं चुका देते.'

बता दें कि बुधवार को ही ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान में इतने बड़े पैमाने पर हमले किए हैं कि अब वहां निशाना बनाने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि वह जब चाहें युद्ध खत्म कर सकते हैं. अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म Axios को दिए एक संक्षिप्त टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर बड़े पैमाने पर हमले किए जा चुके हैं और युद्ध का अंत ज्यादा दूर नहीं है.

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गौरतलब है कि 28 फरवरी से जारी ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है. इस युद्ध में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और कई सैन्य व ऊर्जा ठिकाने तबाह हो चुके हैं. हाल के दिनों में अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में ईरान के कई महत्वपूर्ण ऊर्जा डिपो और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव लंबा खिंचता है तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है. ईरान की ओर से बार-बार यह संकेत भी दिए जा रहे हैं कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा तो पूरे क्षेत्र की बिजली और ऊर्जा आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ सकता है. ऐसे में लारिजानी का यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ईरान इस संघर्ष को लंबा खींचने के लिए तैयार है और अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है. 

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