'ईरान ने खुद स्कूल पर की स्ट्राइक...', ट्रंप का बड़ा आरोप, 150 छात्राओं की गई थी जान

ईरान के मिनाब इलाके में एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में 150 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि तेहरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है. अमेरिकी इन्वेस्टिगेटर भी मान रहे हैं कि इस हमले के लिए अमेरिकी सेना जिम्मेदार हो सकती है.

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US इन्वेस्टिगेटर मान रहे हैं कि हमला अमेरिकी सेना ने किया हो सकता है. (Photo- ITG) US इन्वेस्टिगेटर मान रहे हैं कि हमला अमेरिकी सेना ने किया हो सकता है. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में एक स्कूल पर हुए भीषण हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद गहरा गया है. इस हमले में ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, 150 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी, जिनमें ज्यादातर छात्राएं थीं. इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है.

एयर फोर्स वन में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हमें लगता है कि यह हमला ईरान ने किया है. जैसा कि आप जानते हैं, उनके हथियार बेहद गलत निशाना लगाते हैं. उनकी सटीकता बिल्कुल नहीं है." हालांकि अब तक इस हमले की जिम्मेदारी न तो अमेरिका और न ही इजरायल ने ली है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है. वहीं ईरान ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को दोषी ठहराया है.

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ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, पिछले शनिवार को एक मिसाइल या हवाई हमले में छोटी बच्चियों के एक प्राथमिक स्कूल को निशाना बनाया गया था. इस हमले में बड़ी संख्या में छात्राओं और अन्य लोगों की मौत हुई. हालांकि स्वतंत्र रूप से इस घटना की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया कि वह घटना स्थल तक पहुंचकर स्थिति की पुष्टि नहीं कर सकी है और न ही मृतकों की संख्या का स्वतंत्र सत्यापन हो पाया है.

IRGC ने उस बेस को बनाया निशाना जहां से स्कूल पर हुए हमले!

इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने संयुक्त अरब अमीरात में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जवाबी हमला किया है. आईआरजीसी के अनुसार यह हमला उस एयरबेस पर किया गया जिसे कथित तौर पर स्कूल पर हमले के लिए इस्तेमाल किया गया था.

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सरकारी टीवी पर जारी बयान में आईआरजीसी ने कहा, "क्षेत्र में अमेरिकी आतंकियों का अड्डा अल-धाफरा एयर बेस ड्रोन और सटीक मिसाइलों से निशाना बनाया गया." दूसरी ओर पेंटागन ने कहा है कि वह इस पूरे मामले की जांच कर रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा.

IRGC का सैन्य अड्डा भी मिनाब में मौजूद!

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ने उस समय होर्मुज स्ट्रेट के पास नौसैनिक ठिकानों पर हमले की बात कही थी. इसी इलाके में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का एक नौसैनिक अड्डा भी मौजूद है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि हमला उसी सैन्य कार्रवाई के दौरान हुआ हो.

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रॉयटर्स की रिपोर्ट में अलग दावा

हालांकि, रॉयटर्स ने अपनी एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में मिलिट्री इन्वेस्टिगेटर के हवाले से कहा ईरानी लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले के लिए U.S. सेना जिम्मेदार थी, जिसमें कई बच्चे मारे गए थेय लेकिन वे अभी तक किसी आखिरी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं या अपनी जांच पूरी नहीं की है.

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