मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत को लेकर बड़ा दावा किया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तहत संचालित खातम अल-अनबिया मुख्यालय ने शनिवार (4 अप्रैल) को सरकारी टेलीविजन पर बयान जारी कर कहा कि उसने युद्ध के 35वें दिन एक नए एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया, जिसके जरिए अमेरिकी फाइटर जेट, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को निशाना बनाया गया.
आईआरजीसी के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फकारी ने कहा कि शुक्रवार (3 अप्रैल) का दिन ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए 'गौरव का दिन' था. उन्होंने दावा किया कि ईरानी बलों ने दुश्मन के फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, ड्रोन पर 'तेज, सटीक और शक्तिशाली' हमला किया और कई को मार गिराया. उन्होंने इस दिन को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए 'बेइज्जती का ब्लैक फ्राइडे' करार दिया.
नए सिस्टम से कई हवाई हमले नाकाम करने का दावा
जुल्फकारी के मुताबिक, IRGC एयरोस्पेस फोर्स के नए एयर डिफेंस सिस्टम ने एक उन्नत अमेरिकी एफ-35 फाइटर जेट, तीन ड्रोन (एमक्यू-9 और हर्मीस मॉडल) और दो रडार से बचने वाली क्रूज मिसाइलों को मार गिराया. इसके अलावा, इसी सिस्टम ने एक ए-10 फाइटर विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को भी निशाना बनाया. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम के तहत सेना की अन्य यूनिट्स ने भी कार्रवाई करते हुए एक और ए-10 फाइटर जेट को गिराया.
अमेरिका कर रहा अलग दावे
वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने भी कुछ घटनाओं की पुष्टि की है. उनके अनुसार, एक F-15E जेट को मार गिराया गया. इसके अलावा, एक A-10 वॉर्थोग के पायलट को कुवैत में विमान पर हमले के बाद इजेक्ट करना पड़ा. बताया गया कि लापता पायलट की तलाश में भेजे गए दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी फायरिंग की चपेट में आए, हालांकि वे किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे. पायलट और क्रू के घायल होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है.
इजरायल और खाड़ी देशों में हमलों का दावा
IRGC ने यह भी दावा किया है कि उसने इजरायल के विभिन्न इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इसके साथ ही कुवैत में अमेरिकी HIMARS रॉकेट सिस्टम और बहरीन में पैट्रियट मिसाइल बैटरियों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.
'देश के युवाओं द्वारा बनाए गए सिस्टम पर भरोसा'
जुल्फकारी ने कहा कि ईरान अपने देश के 'युवा, कुशल और गर्वित वैज्ञानिकों' द्वारा बनाए गए आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम पर निर्भर है और इन्हें लगातार युद्ध के मैदान में पेश किया जा रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान जल्द ही अपने हवाई क्षेत्र पर 'पूरी तरह नियंत्रण' हासिल कर लेगा और दुश्मन की कमजोरी को दुनिया के सामने उजागर करेगा.
लापता पायलट की तलाश तेज
आईआरजीसी ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी इलाके में उस स्थान के पास तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जहां अमेरिकी पायलट का विमान गिरा था. वहीं क्षेत्रीय गवर्नर ने घोषणा की है कि जो भी 'दुश्मन के सैनिक' को पकड़ने या मारने में मदद करेगा, उसे इनाम दिया जाएगा.
ट्रंप के दावे पर उठे सवाल
इन घटनाओं के बीच डोनाल्ड ट्रंप और उनके रक्षा मंत्री द्वारा पहले किए गए उस दावे पर सवाल उठने लगे हैं, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सेना को क्षेत्र के आसमान पर 'पूर्ण नियंत्रण' हासिल है. ताजा घटनाएं इस दावे के विपरीत स्थिति दर्शाती हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. इस युद्ध ने न सिर्फ क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाई है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाला है.
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