'एक गलत फैसला और मिडिल ईस्ट में शुरू हो जाएगी जंग...', खामेनेई ने ट्रंप को बता दी हद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले कुछ दिनों से ईरान को लगातार धमकी दे रहे हैं. उन्होंने ईरान से कहा है कि वो बिना शर्त बातचीत की टेबल पर आए और परमाणु समझौता करे. हालांकि, ईरान ने साफ कहा है कि हमले की धमकियों के साए में कोई बातचीत नहीं हो सकती है. 

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खामेनेई ने अमेरिका को दी धमकी. (File photo: ITG) खामेनेई ने अमेरिका को दी धमकी. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:37 PM IST

मिडिल ईस्ट इस समय अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लगातार वॉर्निंग दे रहे हैं कि अगर उन्होंने अपना परमाणु कार्यक्रम नहीं रोका तो मिलिट्री एक्शन का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप के इन धमकियोंके बीच ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अब तक का सबसे जबरदस्त जवाबी हमला किया है.

अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को टका सा जवाब देते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो इससे पूरे मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय युद्ध भड़क जाएगा. उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दे चुके हैं और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है.

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ईरानी सरकारी टेलीविजन ने खामेनेई के बयान का वीडियो प्रसारित करने से पहले ही उनके शब्दों को ऑनलाइन साझा कर दिया. खामेनेई के हवाले से कहा गया कि अमेरिकियों को ये जान लेना चाहिए कि अगर उन्होंने युद्ध शुरू किया तो इस बार ये केवल सीमित नहीं रहेगा बल्कि एक क्षेत्रीय युद्ध होगा. 

उन्होंने कहा कि हम ना तो किसी संघर्ष की शुरुआत करते हैं और ना ही किसी देश पर हमला करने की इच्छा रखते हैं लेकिन अगर ईरानी राष्ट्र पर हमला किया गया या उसे परेशान किया गया तो वह जोरदार जवाब देगा.

अमेरिका को खामेनेई कई इस धमकी को अब तक की सबसे सीधी और कठोर चेतावनी माना जा रहा है. इससे पहले ट्रंप ने कहा कि उनका अमेरिकी विमानवाहक पोत US अब्राहम लिंकन की अगुवाई में एक बड़ा सैन्य बेड़ा अरब सागर में तैनात हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के इस सैन्य बेडे़ को वेनेजुएला भेजे गए अपने बेडे़ से कहीं अधिक बड़ा बताया है. 

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हालांकि अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप वास्तव में सैन्य बल का इस्तेमाल करेंगे या नहीं. ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि ईरान बातचीत करना चाहता है और उन्होंने तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को भी एक बड़ा मुद्दा बताया है, जिसे वे सुलझाना चाहते हैं.

इसी बीच, ईरान ने रविवार और सोमवार को रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास की योजना बनाई थी. यह वही संकरा समुद्री रास्ता है, जिससे होकर दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है. अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस अभ्यास के दौरान अमेरिकी युद्धपोतों या विमानों को धमकाने या व्यावसायिक समुद्री यातायात में बाधा डालने की कोई भी कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी.

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