US से तनाव के बीच चाबहार पोर्ट पर लगेगा ब्रेक? दिल्ला में ईरानी राजदूत ने बताया आगे का एक्शन प्लान

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने अमेरिका के साथ चल रहे तनाव और भारत के संबंधों को लेकर खुलकर बातचीत की है. उन्होंने बताया कि बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो चुका है और नतीजों का इंतजार है. ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है. राजदूत ने चाबहार पोर्ट को लेकर भी बातचीत की है.

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ईरान ने अमेरिका पर हाइब्रिड वॉर का आरोप लगाया (Photo: X/@Pranay Upadhyay) ईरान ने अमेरिका पर हाइब्रिड वॉर का आरोप लगाया (Photo: X/@Pranay Upadhyay)

प्रणय उपाध्याय

  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

ईरान के राष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने अपने देश की मौजूदा स्थिति, उपलब्धियों और मौजूदा चुनौतियों पर जानकारी शेयर की. राजदूत ने बताया कि इस साल ईरान अपनी इस्लामिक क्रांति के 47 साल पूरे कर रहा है, जो उनकी इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

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राजदूत फथाली ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे इंटरनेशनल सैंक्शन के बावजूद ईरान ने टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेजी से प्रगति प्राप्त की है. उन्होंने बताया कि देश ने डिफिकल्ट सिचुएशन में भी आत्मनिर्भरता की दिशा में स्ट्रॉन्ग कदम उठाए हैं, जिससे इकोनॉमिक और टेक्निकल एरिया में डेवलपमेंट हुआ है.

डिपलोडिप्लोमेटिक फ्रंट पर राजदूत ने बताया कि बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो चुका है और ईरान इस प्रक्रिया के पॉजिटिव रिजल्ट्स का इंतजार कर रहा है. चाबहार बंदरगाह की महत्ता पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह बंदरगाह मध्य एशिया तक कनेक्टिविटी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और भारत समेत कई देशों के साथ सहयोग लगातार बढ़ रहा है.

दिल्ली में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली (Photo: X/@IranAmbIndia)

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सुरक्षा स्थिति पर राजदूत ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि युद्ध थोप दिया जाता है, तो देश पूरी तरह तैयार है. उन्होंने बताया कि ईरान ने कई सैन्य प्लेटफॉर्म खुद विकसित किए हैं और हाइब्रिड युद्ध जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है. साथ ही, कई विदेशी एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मोसाद से जुड़े लोग भी शामिल हैं.

देश में हुए प्रदर्शनों को लेकर उन्होंने कहा कि अब तक 3173 मौतें हुई हैं, लेकिन यह संख्या अपडेट हो रही है और सही आंकड़ा सुनिश्चित करने के लिए लोगों से पहचान दस्तावेजों के साथ सामने आने की अपील की गई है.

अंत में उन्होंने कहा कि चीन, रूस जैसे मित्र देशों के साथ ईरान के अच्छे संबंध हैं, लेकिन वर्तमान में देश अपनी रक्षा और विकास में पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर है.

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