ईरान ने अमेरिका को बता दिया होर्मुज ब्लॉक करने का गुणा-गणित, गालिबाफ ने दी लास्ट वॉर्निंग

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका को गणितीय सूत्र के जरिए चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि नाकाबंदी से तेल कीमतें कई गुना बढ़ सकती हैं. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका है.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान अब लारक द्वीप से कंट्रोल कर रहा है. (Photo: Representational/Pexels स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान अब लारक द्वीप से कंट्रोल कर रहा है. (Photo: Representational/Pexels

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:43 PM IST

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है. इसी बीच ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ  ने अमेरिका को चेतावनी देने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया है और गणितीय सूत्र के जरिए जवाब दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने अमेरिका के उस कदम पर तंज कसा जिसमें ईरान से जुड़े समुद्री मार्गों पर नाकाबंदी की बात कही गई थी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयान के बाद यह विवाद और बढ़ गया है.

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रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका ईरान से जुड़े समुद्री ट्रैफिक को रोकने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी लागू करेगा. इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह कार्रवाई तय समय के अनुसार शुरू की जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम के जवाब में ग़ालिबाफ ने गणितीय सूत्र 'O_BSOH > 0 f(f(O)) > f(O)' साझा किया. इसमें उन्होंने संकेत दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर किसी भी तरह की बाधा का असर सिर्फ तेल आपूर्ति पर नहीं बल्कि वैश्विक बाजार पर कई गुना बढ़कर पड़ेगा.

जानें इस फॉर्मूले का मतबल 

'ΔO_BSOH > 0 ⇒ f(f(O)) > f(O)' इस फॉर्मूले का मतलब है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (BSOH) में किसी भी तरह की नाकाबंदी या बाधा बढ़ती है, तो तेल (O) की सप्लाई पर असर पड़ेगा और यह असर सिर्फ सामान्य स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे जाकर कई गुना बढ़ जाएगा, यहां f(O) का मतलब तेल की कीमतों या सप्लाई पर पहला आर्थिक असर है और f(f(O)) उस असर का आगे बढ़कर और बड़ा रूप है, यानी एक छोटा सा व्यवधान बाजार में पहले कीमतें बढ़ाएगा और फिर वही बढ़ी हुई कीमतें सप्लाई चेन, मांग और घबराहट जैसे प्रभावों के जरिए और ज्यादा उछाल पैदा करेंगी, कुल मिलाकर यह फॉर्मूला यह संकेत देता है कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से तेल बाजार पर असर बढ़ता ही जाएगा और वह असर कई गुना होकर वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा.

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उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जैसे ही तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ेगा, कीमतें तेजी से बढ़ेंगी और उसके बाद बाजार में घबराहट, सप्लाई चेन में रुकावट और सट्टा ट्रेडिंग जैसे प्रभाव और बढ़ जाएंगे. इसका कुल असर प्रारंभिक झटके से कहीं अधिक होगा. विशेषज्ञों के अनुसार यह गणितीय सूत्र एक तरह का प्रतीकात्मक संदेश है, जिसमें बताया गया है कि होर्मुज स्ट्रेट में कोई भी बाधा वैश्विक तेल बाजार को अस्थिर कर सकती है. इसे उन्होंने तकनीकी अंदाज में अमेरिका के लिए चेतावनी बताया है.

ग़ालिबाफ ने अपने पोस्ट में व्हाइट हाउस के पास पेट्रोल की कीमतों का भी जिक्र किया और कहा कि अमेरिकी लोग मौजूदा दामों को भी आने वाले समय में सस्ता मानेंगे. उन्होंने लिखा कि “Enjoy the current pump figures” और चेतावनी दी कि हालात बिगड़ने पर ईंधन की कीमतें 4 से 5 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच सकती हैं. Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक माना जाता है और यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है. इसी कारण यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

नाकाबंदी के जवाब में तेल कीमतों में भारी उछाल की आशंका

फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों देशों के बयानबाजी से हालात और जटिल होते जा रहे हैं. आने वाले दिनों में इस विवाद का असर वैश्विक बाजार और तेल कीमतों पर साफ दिखाई दे सकता है.

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