मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान की ज्वाइंट सैन्य कमान खातम अल-अंबिया हेडक्वाटर (Khatam al-Anbiya Headquarters) ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है. कमान ने मुस्लिम देशों को चेतावनी देते हुए कहा अब उनके निशाने पर मिडिल ईस्ट में मौजदू बैंक और वित्तीय संस्थान हैं और इन संस्थानों की पहचान कर ली गई, वो अब इन्हें उड़ा देंगे. वहीं, ईरान की इस धमकी ने विशेष रूप से दुबई, सऊदी अरब और बहरीन में स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों और निवेश संस्थानों की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है.
बताया जा रहा है कि ईरान की सैन्य कमान ने ये फैसला हाल ही में तेहरान में हुई एक सैन्य घटना के जवाब में लिया है. ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों में तेहरान स्थित एक बैंक के कर्मचारी मारे गए थे. इसके विरोध में ईरान ने अब अपनी युद्ध नीति को बदलते हुए आर्थिक ढांचे को निशाना बनाने की बात कही है. खातम अल-अंबिया मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों को वो निशाना बनाएंगे, उनकी पहचान कर ली गई है.
हवाई हमलों में बैंक कर्मियों की मौत
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के इजरायल-अमेरिकी हवाई हमलों में तेहरान के एक बैंक में कर्मचारियों की मौत हुई है. ये हमला ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी या इसी तरह के संयुक्त अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई शीर्ष कमांडरों की मौत हो चुकी है. ईरान ने इन हमलों को क्रूर और असीमित करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
बताया जा रहा है कि ईरानी सैन्य कमान की ये धमकी खासकर दुबई, सऊदी अरब और बहरीन जैसे देशों के लिए चिंता का विषय है, जहां इंटरनेशनल बैंक और वित्तीय संस्थान बड़ी संख्या में मौजूद हैं. दुबई मिडिल ईस्ट का प्रमुख वित्तीय केंद्र है, जहां हजारों वैश्विक बैंक और निवेश फर्म काम करती हैं. यदि ईरान इन संस्थानों को निशाना बनाता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है, जिसमें तेल की कीमतें और शेयर बाजार प्रभावित होंगे. वहीं, अब तक युद्ध केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित था, लेकिन अब बैंकों के निशाने पर आने से पूरे क्षेत्र में भारी अस्थिरता पैदा हो सकती है.
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