'जब भी शांति की बात होती है, तभी...', अमेरिका पर भड़के ईरानी विदेश मंत्री अराघची

अराघची का यह बयान उस समय आया जब अमेरिका ने दावा किया कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने तीन नौसैनिक जहाजों पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया. अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि वह तनाव बढ़ाना नहीं चाहती, लेकिन अमेरिकी बल अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फिर अमेरिका को घेरा है (File Photo- ITG) ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फिर अमेरिका को घेरा है (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:44 PM IST

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनावपूर्ण संघर्ष के बीच ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का एक तीखा बयान सामने आया है. अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि जब भी शांति की बात होती है तभी अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुन लेता है. 

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हर बार जब भी कूटनीतिक समाधान मेज पर आता है, अमेरिका एक लापरवाह सैन्य अभियान शुरू कर देता है. क्या यह दबाव बनाने की एक भद्दी रणनीति है या फिर किसी ऐसे व्यक्ति की चाल, जो अमेरिकी राष्ट्रपति को किसी और दलदल में धकेल रहा है?'

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उन्होंने आगे कहा, 'कारण चाहे जो भी हो, परिणाम हमेशा एक जैसा रहता है, ईरानी कभी दबाव के आगे नहीं झुकते.'

अराघची का यह बयान उस समय आया जब अमेरिका ने दावा किया कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने तीन नौसैनिक जहाजों पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया. अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने उकसावे रहित ईरानी हमलों को रोका और जवाबी कार्रवाई में ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. हालांकि अमेरिकी सेना ने यह भी कहा कि वह तनाव बढ़ाना नहीं चाहती, लेकिन अमेरिकी बल अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि केश्म द्वीप पर ईरानी बलों और दुश्मन के बीच गोलीबारी हुई. तेहरान में भी देर रात तेज धमाकों और लगातार हवाई सुरक्षा फायरिंग की आवाजें सुनी गईं. इन घटनाओं के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम को कायम बताया. 

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एबीसी न्यूज के एक रिपोर्टर से फोन पर बातचीत में ट्रंप ने ईरान पर की गई जवाबी कार्रवाई को सिर्फ हल्का सा जवाब बताया. उन्होंने कहा कि समझौता किसी भी दिन हो सकता है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि ईरान ने तेल और गैस आपूर्ति बहाल करने वाले समझौते को स्वीकार नहीं किया तो उसे भारी दर्द झेलना पड़ेगा.

इस बीच पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थता में जुटा हुआ है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्री अराघची से फोन पर बातचीत की. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह लगातार अमेरिका और ईरान दोनों के संपर्क में है ताकि संघर्ष को खत्म किया जा सके.

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