सनसनीखेज खुलासा: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या के लिए ईरान में जुटाए जा रहे 100 मिलियन डॉलर... PoK से भी मिली क्राउडफंडिंग

ईरान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित तौर पर हत्या के लिए क्राउडफंडिंग कैंपेन चलाया जा रहा है. सोशल मीडिया और SMS के जरिए लोगों को इसमें जोड़ा जा रहा है. इस कैंपेन से जुड़े लोग दावा कर रहे हैं कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से भी कुछ लोगों ने इसमें योगदान दिया है.

Advertisement
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर युद्ध थोपने का आरोप लगाया है (File Photo- ITG) ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर युद्ध थोपने का आरोप लगाया है (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:38 AM IST

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. इसी बीच ईरान में 'इंटरनेशनल ट्रंप असैसिनेशन रिवार्ड कैंपेन' नाम का एक कैंपेन तेजी से फैल रहा है. कई ईरानी नागरिकों को 'Kill Trump' जैसे संदेश SMS के जरिए मिल रहे हैं. इतना ही नहीं, ट्रंप की हत्या के लिए 100 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा वाले पोस्टर भी वायरल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि क्राउंडफंडिंग के जरिए ये पैसा जुटाया जा रहा है.

Advertisement

यह कैंपेन अपने आप में अनोखा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि संभावित हमलावर को इनाम देने के लिए पैसे क्राउडफंडिंग के जरिए जुटाए जा रहे हैं. इस कैंपेन से जुड़े लोग दावा कर रहे हैं कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से भी कुछ लोगों ने इसमें योगदान दिया है.

आजतक की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) जांच में सामने आया है कि ईरान के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह का कैंपेन चलाया जा रहा है. जांच में पाया गया कि ईरान के घरेलू ऐप्स 'रुबिका' और 'बले' पर ऐसे चैनल मौजूद हैं, जो इस कैंपेन को बढ़ावा दे रहे हैं और समर्थन जुटा रहे हैं. इसी तरह के कैंपेन SMS और कम से कम दो वेबसाइट्स के जरिए भी चलाए जा रहे हैं, जो ईरान के बाहर यूजर्स के लिए निष्क्रिय दिखाई देती हैं, लेकिन स्थानीय मीडिया में इनका जिक्र है.

Advertisement

वेबसाइट और सोशल मीडिया से मिल रहा बढ़ावा

'Kill Trump' कैंपेन एक वेबसाइट पर होस्ट किया गया है, जो खुद को ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के जवाब के रूप में पेश करती है. इस कैंपेन का घोषित उद्देश्य उस व्यक्ति के लिए इनाम की राशि जुटाना है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करेगा. कैंपेन का दावा है कि अब तक 2.8 लाख समर्थक जुड़ चुके हैं और 23 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई जा चुकी है, हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

इस कैंपेन को रुबिका ऐप पर भी बढ़ावा मिल रहा है, जहां 'Kill Trump' नाम का एक चैनल चल रहा था. इस चैनल की प्रोफाइल फोटो में ट्रंप को निशाने पर दिखाया गया और इसमें 2.3 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर बताए गए हैं. इसी तरह बले ऐप पर भी करीब दो हजार सदस्यों वाला एक चैनल इस कैंपेन का समर्थन कर रहा है.

दिलचस्प बात यह है कि यह कैंपेन युद्ध शुरू होने से करीब एक हफ्ते पहले ही शुरू हो गया था. पहली संबंधित वेबसाइट 21 फरवरी 2026 को रजिस्टर की गई थी. इसके 16 दिन बाद दूसरी वेबसाइट बनाई गई और कैंपेन में इस्तेमाल होने लगी. ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म 'चेक-होस्ट' के अनुसार, ये वेबसाइट्स ईरान के बाहर से एक्सेस नहीं हो पा रही थीं.

Advertisement

SMS के जरिए भी फैल रहा कैंपेन

ईरान से जुड़े मामलों पर नजर रखने वाले विश्लेषक वाहिद ऑनलाइन ने टेलीग्राम पर कई स्क्रीनशॉट शेयर किए, जिनमें ईरानी नागरिकों को भेजे गए मैसेज दिखाए गए हैं. इन मैसेज में लोगों से वेबसाइट पर रजिस्टर करने या SMS के जरिए कैंपेन में शामिल होने की अपील की गई थी. मैसेज के शीर्ष पर 'ट्रंप की हत्या के इनाम के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियान' लिखा हुआ था. इसमें ऐप और वेबसाइट के लिंक भी दिए गए थे, ताकि लोग कैंपेन में भाग ले सकें या आर्थिक योगदान दे सकें.

कैंपेन में इनाम देने की घोषणा 

टेलीग्राम पर वायरल पोस्टर्स में अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या के लिए 100 मिलियन डॉलर के इनाम का दावा किया गया है. इसके अलग, ईरान से जुड़े हैकिंग ग्रुप 'हंडाला' ने भी ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए 50 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की है. यह घोषणा अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा IRGC के प्रमुख सदस्यों की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर के इनाम के जवाब में आई है. जिन लोगों पर इनाम रखा गया है, उस सूची में ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का नाम भी शामिल है.

(रिपोर्ट- आकाश शर्मा, खुशी सोनकर, विजयेश तिवारी)

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »