ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित बंदर अब्बास बंदरगाह पर शनिवार को एक जोरदार धमाका हुआ. इस धमाके में एक शख्स की मौत हो गई और 14 घायल हो गए हैं. ईरानी मीडिया ने इस विस्फोट की पुष्टि की है, लेकिन इसकी वजहों को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां इस घटना की जांच में जुटी हैं और हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं.
समाचार एजेंसी तस्नीम ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें इस धमाके में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के नौसेना कमांडर को निशाना बनाने की बात कही गई थी.
एजेंसी ने साफ किया कि इस तरह की खबरें पूरी तरह गलत हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इस विस्फोट के कारणों के बारे में जानकारी पूरी दुनिया को दी जाएगी.
धमाके को लेकर इजरायल की ओर से भी बयान जारी किया गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत करते हुए इजरायल के दो अधिकारियों ने साफ कहा कि उनका इस धमाके से कोई लेना-देना नहीं है.
बंदर अब्बास बंदरगाह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित है, जो ईरान और ओमान के बीच एक महत्वपूर्ण रास्ता है. इस रास्ते से दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का करीब एक-पांचवा हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां की किसी भी घटना का वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव गहरा होता है.
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यह धमाका ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से धमकी जी रही है. ईरान में हाल ही में आर्थिक संकट के कारण हुए बड़े विरोध प्रदर्शन सुरक्षा बलों ने दबाए हैं, जिनमें हजारों मौतें हुईं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बड़े नौसैनिक बेड़े को क्षेत्र में भेजने की बात कही है. वहीं, ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे ईरान की आंतरिक समस्याओं का फायदा उठाकर अशांति फैलाना चाहते हैं.
बंदर अब्बास धमाके की जांच पूरी होने के बाद ही इसके कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी. फिलहाल, वैश्विक नजरें इस रणनीतिक बंदरगाह पर लगी हुई हैं.
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