'अभी बदला पूरा नहीं हुआ', खाड़ी के तेल कुओं में हाहाकार मचाने के बाद भी ईरान हमलावर

ईरान इस जंग का दायरा बढ़ाता जा रहा है. खाड़ी देशों के तेल और गैस केंद्रों पर हमले के बाद सऊदी अरब, कुवैत, कतर और UAE की तेल रिफाइनरियां दहक रही हैं. इस बीच ईरान ये कहा है कि बदला पूरा नहीं हुआ है. ईरान ये बदला बुधवार रात उसके सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमले का ले रहा है.

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ईरान के हमले के बाद कुवैत के शूईबा ऑयल रिफाइनरी में लगी आग. (Photo:X) ईरान के हमले के बाद कुवैत के शूईबा ऑयल रिफाइनरी में लगी आग. (Photo:X)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:28 PM IST

गल्फ देशों की तेल रिफाइनरियों पर ताबड़तोड़ हमले के बाद भी ईरान रुकने के संकेत नहीं दे रहा है. ईरान ने कहा कि हमारे गैस फील्ड पर जो हमला हुआ है उसका बदला अभी पूरा नहीं हुआ है. ईरान के रूख से साफ संदेश मिल रहा है कि खाड़ी देशों में एनर्जी केंद्रों पर आने वाले दिनों में भी हमले जारी रह सकते हैं. 

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ईरान के सशस्त्र बलों की संयुक्त कमान के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए इजरायली हमले का जवाब अभी खत्म नहीं हुआ है. सशस्त्र बलों की संयुक्त कमान के प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि इस तरह के हमलों की अगर रिपीट किया गया तो ईरान "कहीं अधिक जोरदार जवाबी कार्रवाई" को अंजाम देगा. ईरान ने कहा कि उसके जवाब में दुश्मन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर  के साथ-साथ उनके सहयोगियों के बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जाएगा. 

IRGC के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के एक प्रवक्ता ने कहा किहम दुश्मन को चेतावनी देते हैं कि आपने ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करके एक बड़ी गलती की है. अगर इसे फिर से दोहराया गया तो दुश्मन और दुश्मन के सहयोगियों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर अगले हमले तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक कि वे पूरी तरह से तबाह न हो जाएं.

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गुरुवार को ईरानी हमले से कोहराम

ईरान ने गुरुवार को अपने खाड़ी अरब पड़ोसियों के एनर्जी सेंटर्स पर हमले तेज कर दिए. ईरान ने लाल सागर पर स्थित सऊदी रिफाइनरी को निशाना बनाया, और कतर की लिक्विफाइड नेचुरल गैस फैसिलिटी तथा कुवैत की दो तेल रिफाइनरियों में आग लगा दी. यह जवाबी कार्रवाई तब की गई जब इज़रायल ने ईरान के मुख्य प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर हमला किया था. मध्य-पूर्व युद्ध में यह एक बड़ा तनाव है, जिसके कारण वैश्विक ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं.

अंतरराष्ट्रीय मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 118 डॉलर प्रति बैरल हो गई, क्योंकि ऊर्जा संकट का वैश्विक डर बढ़ गया है. 28 फरवरी को जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले करके युद्ध शुरू किया था, तब से अब तक इसकी कीमतों में 57 प्रतिशत से भी ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है. 

ईरान  के हमले में संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास एक जहाज में आग लग गई. कतर के पास एक और जहाज को नुकसान पहुंचाया गया. इससे यह बात साफ हो गई कि ईरान के स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पर कब्जे की वजह से जहाजों को हमेशा खतरा बना रहता है. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज एक अहम समुद्री रास्ता है, जिससे दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल ट्रांसपोर्ट किया जाता है. 

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सऊदी अरब ने स्ट्रेट से बचने के लिए बड़ी मात्रा में तेल पश्चिम की ओर भेजना शुरू कर दिया था, ताकि उसे लाल सागर से भेजा जा सके. लेकिन जब ईरान के एक ड्रोन ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू में देश की SAMREF रिफाइनरी पर हमला किया, तो इस रास्ते की सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे. 

सऊदी अरब की सामरेफ रिफाइनरी.

कतर ने बताया कि ईरानी मिसाइलों से हमला होने के बाद दमकलकर्मियों ने एक बड़ी LNG फ़ैसिलिटी में लगी आग को बुझा दिया. यहां हमलों के बाद प्रोडक्शन पहले ही रोक दिया गया था. लेकिन कतर ने कहा कि मिसाइलों के इस नए हमले से "काफ़ी बड़ी आग लगी और बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ."

इस फ़ैसिलिटी को हुए नुकसान की वजह से ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद भी कतर को बाजार तक अपनी सप्लाई पहुंचाने में देरी हो सकती है. 

सरकारी न्यूज़ एजेंसी KUNA ने बताया कि कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से आग लग गई, लेकिन इसमें किसी को चोट नहीं आई. यह रिफाइनरी मध्य-पूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है जिसकी पेट्रोलियम उत्पादन क्षमता हर दिन 730,000 बैरल है. अधिकारियों ने बताया कि इसके कुछ ही देर बाद एक और ड्रोन हमले से पास की मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी में भी आग लग गई. 

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