आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहम बयान दिए हैं. आज तक के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ड्रोन और मिसाइल फोर्स की जरूरत बेहद अहम हो गई है. उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने अपनी ड्रोन और मिसाइल फोर्स खड़ी कर ली है और भारत को भी ऐसा करने की जरूरत है.
थलसेना प्रमुख ने कहा, 'क्या हमें मिसाइल फोर्स की जरूरत है? इसका जवाब है हां. हम रॉकेट और मिसाइल फोर्स की दिशा में काम कर रहे हैं, क्योंकि चीन और पाकिस्तान दोनों ने ऐसी फोर्स खड़ी कर ली है. भारत पहले ही 150 किलोमीटर और 450 किलोमीटर रेंज का रॉकेट सिस्टम शामिल कर चुका है और अब इससे लंबी दूरी की क्षमताओं पर भी काम किया जा रहा है.'
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर फायरिंग में पाकिस्तानी सेना के 100 जवानों को मार गिराया गया. उन्होंने बताया कि अब भी आठ आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जिनमें से छह एलओसी के पार और दो अंतरराष्ट्रीय सीमा के सामने हैं. सेना इन पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
डीजीएमओ स्तर की बातचीत और आतंकी कैंपों के दोबारा खड़े होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मई के अंत तक फॉरवर्ड मूवमेंट में कमी आई और डीजीएमओ स्तर की बातचीत जारी रही, जिसके बाद सैन्य तैनाती को भी घटाया गया. उन्होंने कहा, 'हमारी आंखें और कान खुले हुए हैं.'
थलसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य कार्रवाइयों ने पाकिस्तान की परमाणु धमकियों की पोल खोल दी. उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह की दुस्साहसिक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति संवेदनशील जरूर है, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है. साल 2025 में अब तक 31 आतंकियों को मार गिराया गया है, जिनमें से 65 प्रतिशत विदेशी नागरिक थे, और इनमें अधिकांश पाकिस्तानी थे.
मंजीत नेगी