चीन के ग्वांगझू में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार सुबह भारत-चीन बिजनेस फोरम को संबोधित किया. इसके पहले उन्होंने वहां के गवर्नर हू शिआओदान से मुलाकात भी की.
उन्होंने कहा, 'यह दोनों देशों के है. भारत और चीन को अपनी पुरानी संधियों को मजबूत करने और नए प्रयासों की ओर कदम बढ़ाने की कोशिश करना चाहिए.'
'चीन की उपलब्धियों से मिलती है प्रेरणा'
राष्ट्रपति ने चीन की तारीफ करते हुए कहा कि चीन ने जो हासिल की हैं, वो हमारे लिए प्रेरणा हैं. भारत अपने उत्पादों का एक बड़ा बाजार चीन में देखना चाहता है.
भारत कभी मतभेद बढ़ाना नहीं चाहता
इसके पहले मंगलवार को दक्षिणी चीन के औद्योगिक शहर गुआंगचउ से अपने चार दिवसीय चीन दौरे की शुरुआत करते हुए मुखर्जी ने कहा कि हम कभी भी मतभेदों को बढ़ाने में शामिल नहीं हैं. हमने मतभेदों को कम किया है और समझौते वाले क्षेत्रों का विस्तार किया है. उन्होंने कहा कि यह भारतीय कूटनीति का मुख्य सिद्धांत है.
ब्रजेश मिश्र