पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दावा किया है कि भारत एक और युद्ध की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि भारत के नेता खुले तौर पर युद्ध की बात कर रहे हैं, लेकिन एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो हमेशा क्षेत्रीय शांति का समर्थक रहा है, वह इस रास्ते की सिफारिश नहीं करेंगे. जरदारी ने साथ ही कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए युद्ध के बजाय संवाद ही एकमात्र रास्ता है.
आसिफ अली जरदारी ने कहा, 'मेरा संदेश भारत के लिए है कि वह युद्ध के माहौल से बाहर आए और सार्थक बातचीत की मेज पर बैठे, क्योंकि यही क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का रास्ता है.' उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया में सुरक्षा हालात को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है. सोमवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए, विपक्ष के शोर-शराबे के बीच, जरदारी ने अफगानिस्तान को लेकर भी बयान दिया.
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उन्होंने कहा कि सीमा-पार हमलों को लेकर पाकिस्तान की सहनशीलता की सीमा समाप्त हो चुकी है. उन्होंने अफगान नेतृत्व पर दोहा समझौता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि अफगान धरती से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे आतंकी संगठनों को पनाह मिल रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी घरेलू या विदेशी ताकत को पड़ोसी क्षेत्रों से पाकिस्तान की शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाइयों की निंदा की. उन्होंने ईरान की संप्रभुता का समर्थन किया और अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया. इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान के स्कर्दू में सेना तैनात कर तीन दिन का कर्फ्यू लगाया गया है. साथ ही पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर झड़पें जारी हैं.
अरविंद ओझा