ईरान में टला युद्ध का खतरा! भारत ने होल्ड किया ऑपरेशन, नागरिकों को लेकर स्वदेश लौटने का था प्लान

भारतीय दूतावास द्वारा ईरान में फंसे नागरिकों की स्वदेश वापसी के लिए शुरू की गई निकासी प्रक्रिया को अगले आदेश तक रोक दिया गया है. भारतीय दूतावास ने कहा कि पहले ये फैसला एहतियाती के तौर पर लिया गया था. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि के बाद कि युद्ध जैसी स्थिति या आगे तनाव बढ़ने की कोई आशंका नहीं है.

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ईरान में बवाल के बीच अपने नागरिकों को निकालने का भारत ने तैयार किया प्लान.. (File Photo: Reuters) ईरान में बवाल के बीच अपने नागरिकों को निकालने का भारत ने तैयार किया प्लान.. (File Photo: Reuters)

प्रणय उपाध्याय

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

ईरान में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए 'कंटिन्यूजेंसी प्लान' तैयार कर लिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने युद्ध का खतरा टलने के कारण भारतीय नागरिकों को ईरान से निकालने के ऑपरेशन से रोक दिया है. हालांकि, पहले जानकारी आई थी कि कल यानी शुक्रवार को भारतीयों का पहला प्लेन स्वदेश जा सकता है.

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय दूतावास द्वारा शुरू की गई निकासी प्रक्रिया को अगले आदेश तक रोक दिया गया है. पहले निकासी का फैसला युद्ध संबंधी चिंताओं को देखते हुए एहतियाती उपाय के तौर पर लिया गया था. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि के बाद कि युद्ध जैसी स्थिति या आगे तनाव बढ़ने की कोई आशंका नहीं है. अब ये स्पष्ट है कि फिलहाल निकासी की कोई जरूरत नहीं है.

इस बीच दूतावास के अधिकारी छात्रों के सीधे संपर्क में हैं और यदि निकासी आवश्यक हो जाती है तो वे व्यक्तिगत रूप से छात्रों से मिलेंगे और उन्हें आधिकारिक माध्यमों से सूचित करेंगे.

इससे पहले सूत्रों ने इंडिया टुडे/आजतक को बताया कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने विभिन्न क्षेत्रों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से संपर्क शुरू कर दिया है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि कौन देश छोड़ना चाहता है. हालांकि, इंटरनेट सेवाओं के कई इलाकों में बंद होने और फोन लाइनों के बीच-बीच में काम करने के कारण ये प्रक्रिया भौतिक रूप से की जा रही है.

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ग्राउंड पर उतरे अधिकारी

एक सरकारी सूत्र ने कहा, 'ईरान में संचार सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं, जिससे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.' सूत्रों ने बताया कि दूतावास के अधिकारी खुद उन इलाकों में जाकर भारतीय छात्रों की पहचान कर जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं, जहां इंटरनेट और दूरसंचार सेवाएं काम नहीं कर रही हैं.

संपर्क में हैं सभी भारतीय नागरिक

एक सरकारी सूत्र ने बताया कि वे सभी भारतीय छात्रों के संपर्क में हैं और जल्द से जल्द चार्टर्ड उड़ानों की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं. प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जा रही है जो हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित हैं.

ईरान में मौजूद हैं इतने भारतीय नागरिक

वहीं, सरकार ने स्थिति के अनुसार त्वरित प्रतिक्रिया देने की तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना शामिल है. अनुमान के अनुसार, ईरान में वर्तमान में 10,000 से अधिक भारतीय रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की है.

ईरान छोड़ने की सलाह

उधर, बुधवार को ईरान में लगातार बिगड़ते हालत को देखते हुए भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीय नागरिकों- छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से उपलब्ध साधनों या कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए ईरान छोड़ने की अपील की थी. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने, सतर्क और संबंधित यात्रा डॉक्यूमेंट्स तैयार रखने की सलाह दी है.

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सरकार से अपील 

ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे कश्मीर के सैकड़ों छात्रों के परिवारों में भारी घबराहट है. श्रीनगर के प्रेस कॉलोनी में परिजनों ने प्रदर्शन कर पीएम मोदी से बच्चों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है. माता-पिता को डर है कि अमेरिका और इजराइल के संभावित हमलों से स्थिति और बिगड़ सकती है. छात्र वर्तमान में रसद की कमी और असुरक्षित संचार व्यवस्था से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है.

व्यवस्था से तंग आ चुके हैं ईरान के लोग?

ईरान की मौजूदा स्थिति पर ईरान में भारत के पूर्व राजदूत गद्दाम धर्मेंद्र कहते हैं, ईरान के लोग क्या चाहते हैं? वे व्यवस्था से तंग आ चुके हैं. वे बदलाव चाहते हैं. वे अस्थिरता के लिए कितने बेताब हैं? उन्होंने इराक, सीरिया, अफगानिस्तान और लीबिया को देखा है. ईरान का विशाल मध्य वर्ग पीड़ा झेल रहा है. वे 45 से अधिक वर्षों से पीड़ा सह रहे हैं... लेकिन शासित और शासकों के बीच एक लचीलापन होता है. शासित एक सीमा तक दबाव डालेंगे और फिर पीछे हट जाएंगे. इसलिए हमें पश्चिम से नहीं, बल्कि ईरान के अंदर से भी खबरें मिल रही हैं कि तेहरान, इस्फ़हान, शिराज जैसे बड़े शहरों में अब शांति है. साथ ही लोग मृतकों, अपने प्रियजनों के शव ले जा रहे हैं और खामेनेई को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम एक ऐसे मोड़ पर हैं जो किसी भी दिशा में जा सकता है, लेकिन लोग अस्थिरता नहीं चाहते.

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