ऑस्ट्रेलिया में क्यों उठा उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या का मामला?

राजस्थान के उदयपुर और महाराष्ट्र के अमरावती में हुई हत्याओं के विरोध में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हिंदुओं ने रैली निकाली. रैली का आोयजन ऑस्ट्रेलियन हिंदू एसोसिएशन (एएचए) ने किया. मेलबर्न में हुई इस रैली में उन हिंदुओ और सिखों के पोस्टर्स के साथ प्रदर्शन किया गया, जो इन आतंक की घटनाओं में मारे गए हैं.

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(photo credit: Times of India) (photo credit: Times of India)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 7:09 PM IST
  • उदयपुर, अमरावती में हुई हत्याओं के विरोध में रैली
  • ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में निकाली गई रैली
  • पीड़ितों के लिए न्याय की गुहार लगाई

राजस्थान के उदयपुर और महाराष्ट्र के अमरावती में हुई हत्याओं के विरोध में हिंदुओं का एक जमावड़ा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के फेडरेशन स्क्वायर में जुटा था. इस दौरान दर्जनों हिंदुओं ने धर्म के नाम पर हुई इन हत्याओं के विरोध और पीड़ितों के समर्थन में एक रैली निकाली.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस रैली का आोयजन ऑस्ट्रेलियन हिंदू एसोसिएशन (एएचए) ने किया था, जिसमें हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया, कश्मीरी पंडित ऑस्ट्रेलिया और ग्लोबल हिंदू एसोसिएशन फॉर रिफॉर्म एंड सस्टेनेबल सोसाइटीज जैसे ऑस्ट्रेलिया के अन्य हिंदू संगठनों ने भी हिस्सा लिया.

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ऑस्ट्रेलियन हिंदू एसोसिएशन की महासचिव भारती कुंदल ने कहा, भारत में हाल में हुई कुछ घटनाओं ने ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय को झकझोर दिया है. हममें से कई लोगों का परिवार भारत में रहता है. लोग परेशान हैं. भारत में हमारे परिवार चिंतित हैं. यहां हम लोग इन घटनाओं में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति समर्थन दिखाना चाहते हैं. हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाएं. पीड़ितों के परिवार को न्याय दिलाएं.

भारत सरकार से पीड़ितों को न्याय दिलाने की गुहार

मेलबर्न में हुई इस रैली में उन हिंदुओं और सिखों के पोस्टर्स के साथ प्रदर्शन किया गया जो इन आतंक की घटनाओं में मारे गए हैं. इन पोस्टर्स में इन पीड़ितों के नाम और उनकी तस्वीरें भी लगी थीं. 

इन पीड़ितों में कश्मीरी पंडित राहुल भट का पोस्टर भी था जिनकी मई में आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके साथ ही किशन भरवाड़ नाम के शख्स के भी पोस्टर थे जिनकी जनवरी में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हत्या कर दी गई थी. कमलेश तिवारी का पोस्टर भी था, जिनकी 2019 में लखनऊ में उसी के घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी. 

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भारती ने उन सभी आरोपियों की पहचान करने और उन्हें कानून के दायरे में लाने का भी आह्वान किया जो इस तरह की घटनाओं के लिए उकसाते हैं और इनका समर्थन करते हैं. 

उन्होंने कहा, इन संगठनों, सामुदायिक नेताओं, न्यायपालिका के सदस्यों की पहचान करने के लिए एक कैंपेन चलाया जाना चाहिए. वहीं, इस तरह के अपराधों को सही ठहराने वालों को भी न्याय के कठघरे में खड़ा करना चाहिए. 

कन्हैया लाल के परिवार को 81,000 रुपये की आर्थिक मदद

ऑस्ट्रेलियन हिंदू एसोसिएशन की महासचिव ने ऐलान किया कि एसोसिएशन की मानवीय विंग ने कन्हैया लाल के परिवार की आर्थिक मदद के लिए उनकी पत्नी के बैंक खाते में 81,000 रुपये ट्रांसफर किए हैं. 

बता दें कि कन्हैया लाल को 26 बार चाकू से गोदा गया था. वह कमाने वाले परिवार के एकमात्र सदस्य थे.

यह रैली श्रद्धांजलि के साथ खत्म हुई, जहां मारे गए लोगों के लिए शांति मंत्र का उच्चारण किया गया.

बता दें कि 28 जून को उदयपुर में कन्हैया लाल की दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचे दो लोगों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी.

जानकारी के मुताबिक, टेलर कन्हैया लाल के आठ साल के बेटे ने उनके मोबाइल से नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट की थी. इससे गुस्साए आरोपियों ने उसके पिता की बेरहमी से हत्या कर दी.

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वहीं 21 जून को अमरावती में पेशे से फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की भी हत्या कर दी गई थी. उन्होंने कथित तौर पर नूपुर शर्मा के समर्थन में वॉट्सऐप पोस्ट की थी. एनआईए इन दोनों मामलों की जांच कर रही है.

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