'हेलो ग्रीनलैंड!' ईरान जंग के बीच ट्रंप का बदला फोकस, यहां भी तेल का बड़ा खेल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर चर्चा छेड़ दी है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड की तरफ देखते हुए अपनी तस्वीर शेयर की, जबकि अमेरिकी अधिकारियों की वहां बढ़ती सक्रियता को लेकर स्थानीय लोगों में विरोध बढ़ रहा है.

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ईरान जंग के बीच ट्रंप का फोकस बदल रहा है. (Photo- Truth Social) ईरान जंग के बीच ट्रंप का फोकस बदल रहा है. (Photo- Truth Social)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 23 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:01 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर सुर्खियां बटोर ली हैं. ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अपनी एक अजीब तस्वीर शेयर की, जिसमें वह ग्रीनलैंड को ऊपर से देखते नजर आ रहे हैं. तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, "Hello, Greenland!" इनके अलावा ट्रंप के एक दूत ने ग्रीनलैंड को ईरान के तेल सप्लाई के मामले में ग्रीनलैंड को विकल्प के तौर पर भी पेश किया है.

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ट्रंप का यह पोस्ट ऐसे समय आया है जब ग्रीनलैंड में अमेरिकी मौजूदगी बढ़ाने को लेकर विवाद तेज हो गया है. हाल ही में लुइसियाना के अटॉर्नी जनरल और ग्रीनलैंड के लिए अमेरिकी विशेष दूत जेफ लेनडरी ने वहां का दौरा किया था. दौरे के दौरान उन्होंने ग्रीनलैंड के नेताओं और कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात की.

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लेनडरी ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने विवियान मोत्जफेल्ट, आजा केमित्ज और कई राजनीतिक और व्यापारिक नेताओं से सुरक्षा, आर्थिक विकास और आर्कटिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि अमेरिका आने वाले महीनों में ग्रीनलैंड के साथ सहयोग को और मजबूत करना चाहता है.

ग्रीनलैंड में अमेरिका का विरोध

अमेरिका की बढ़ती सक्रियता को लेकर ग्रीनलैंड में विरोध भी बढ़ रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को राजधानी नूक में सैकड़ों लोगों ने नए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास भवन के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने "हम आपका पैसा नहीं चाहते" और "ग्रीनलैंड के लोग MAGA ट्रोजन हॉर्स को देखते ही पहचान लेते हैं" जैसे पोस्टर लहराते नजर आए.

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कई प्रदर्शनकारी सड़कों पर "Go away!" के नारे लगाते नजर आए. लोगों का आरोप है कि अमेरिका आर्थिक सहयोग और सुरक्षा के नाम पर ग्रीनलैंड में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है.

ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने का रखा प्रस्ताव

दरअसल ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड को रणनीतिक रूप से बेहद अहम बताते रहे हैं. अपने पहले कार्यकाल में भी उन्होंने ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जाहिर की थी, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी विवाद हुआ था.

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ग्रीनलैंड में तेल उत्पादन का मामला

अब ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच ग्रीनलैंड को ऊर्जा सप्लाई के नए विकल्प के तौर पर पेश किया जा रहा है. जेफ लेनडरी ने दावा किया कि ग्रीनलैंड रोजाना 20 लाख बैरल तेल उत्पादन कर सकता है. उन्होंने कहा, "सोचिए इससे होर्मुज स्ट्रेट पर कितना दबाव कम हो सकता है."

लेनडरी के मुताबिक, अगर तेजी से काम किया जाए तो ग्रीनलैंड में तेल उत्पादन "10 महीने के भीतर" शुरू हो सकता है. उन्होंने ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले 30-40 साल में वह पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने ग्रीनलैंड को गंभीरता से लिया और उसे वैश्विक रणनीति में अहम स्थान दिया.

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आर्कटिक क्षेत्र में रूस, चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक खींचतान की वजह से ग्रीनलैंड की अहमियत लगातार बढ़ रही है. खनिज संसाधन, तेल भंडार और समुद्री रास्तों की वजह से यह इलाका अब वैश्विक ताकतों के लिए बड़ा जियोपॉलिटिकल केंद्र बन चुका है.

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