'बस ये एक गलती मत करना...', ईरान से जंग के बीच चिंता में अमेरिकी जनता, ट्रंप को दी सलाह

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच खुद अमेरिका में भी बहस तेज हो गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई समर्थक हवाई हमलों का समर्थन तो कर रहे हैं, लेकिन जमीनी सैनिक भेजने के खिलाफ हैं. बढ़ती तेल कीमतों और संभावित अमेरिकी हताहतों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, जिससे युद्ध पर ट्रंप की रणनीति सवालों में घिरती दिख रही है.

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डोनाल्ड ट्रंप ने खुद माना है कि ईरान जंग कुछ हफ्तों तक खिंच सकती है (फाइल फोटो) डोनाल्ड ट्रंप ने खुद माना है कि ईरान जंग कुछ हफ्तों तक खिंच सकती है (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:18 AM IST

ईरान से चल रही अमेरिका-इजरायल की जंग को 9 दिन बीत चुके हैं. अमेरिका खुद मान रहा है कि ये संघर्ष कुछ हफ्तों तक खिंच सकता है. इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले कुछ अमेरिकी नागरिकों ने उनके लिए अपनी सलाह दी है.

दरअसल, ईरान संग लंबी जंग को लेकर अमेरिकी जनता ज्यादा खुश नहीं हैं. ट्रंप ने बमबारी अभियान के लिए कई तरह के स्पष्टीकरण दिए हैं, अनुमान लगाया है कि हमले हफ्तों तक चल सकते हैं, चेतावनी दी है कि संभवतः और ज्यादा अमेरिकी हताहत होंगे. तेल और गैस की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने साफ कहा है कि इससे उनको फर्क नहीं पड़ता. इससे कई अमेरिकी चिंतित हैं.

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ऐसे में न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने ट्रंप को वोट देने वाले कुछ लोगों से बात की. वे सभी फिलहाल राष्ट्रपति और ईरान युद्ध का समर्थन कर रहे हैं. हालांकि, उनके सबसे कट्टर समर्थकों ने भी चेतावनी दी है कि ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की बड़ी तैनाती ठीक नहीं होगी.

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद रॉयटर्स ने उन आठ अमेरिकियों से बात की है जिन्होंने 2024 में ट्रंप को वोट दिया था.

आठों ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन के खिलाफ हैं. इनमें से पांच ने कहा कि वे हवाई और समुद्री हमलों का पूरी तरह से सपोर्ट करते हैं, क्योंकि यही ईरान को लंबी दूरी की और परमाणु मिसाइलों का भंडार करने से रोकने का एकमात्र तरीका है. तीन थोड़े कंफ्यूज थे. उनको समझ नहीं आ रहा कि प्रशासन ने संघर्ष क्यों शुरू किया, उनका कहना था कि उन्हें चिंता है कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है और अमेरिकी नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है.

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सर्वे में हिस्सा लेने वाले एक शख्स ने कहा, 'हमने जिस हद तक उन पर बमबारी की है, वह ठीक है, लेकिन ट्रंप ने जमीनी स्तर पर सैनिकों की तैनाती और सैनिकों की मौत की बात की है, और मैं इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं कर सकता.'

इस बातचीत से पहले भी एक सर्वे हुआ था. उसमें 1,282 अमेरिकी जनता से राय ली गई थी. 2024 में ट्रंप को वोट देने वाले लगभग दो-तिहाई लोगों ने कहा कि वे हमलों का समर्थन करते हैं, जबकि 9% ने असहमति जताई बाकी 27% ने रुख स्पष्ट नहीं किया. कुल मिलाकर, एक चौथाई लोगों ने ईरान पर अमेरिकी हमले का समर्थन किया.

ट्रंप के लिए खतरे की घंटी!

अगर ऊर्जा की कीमतें बढ़ती रहती हैं और ईरान के खिलाफ ट्रंप की रणनीति उनके अपने समर्थकों को भी उनसे दूर करने लगती है, तो यह संघर्ष रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन को कम कर सकता है. अमेरिका नवंबर में होने वाले अहम मध्यावधि चुनावों की तरफ बढ़ रहा है.

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