'तो मार-काट के लिए तैयार हैं, अगला हमला...', ईरान को जून की जंग याद दिलाकर बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को चेतावनी दी है और उसे बातचीत की टेबल पर लौटने को कहा है. ट्रंप का कहना है कि ईरान को किसी भी हाल में हमारे साथ डील करनी होगी.

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ट्रंप की ईरान को धमकी  (Photo- AP) ट्रंप की ईरान को धमकी (Photo- AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:36 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते एक साल में दुनियाभर में उथल-पुथल मचा दी है. टैरिफ से लेकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को आधीरात को बिस्तर से उठा लेने जैसे उनके फैसलों से दुनिया दंग रह गई है. अब ट्रंप ने एक बार फिर बड़े हमले की चेतावनी दी है.

ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर एक विशाल नौसैनिक बेड़ा तेजी से बढ़ रहा है. यह बेड़ा पूरी ताकत, उत्साह और स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है. यह बेड़ा विशालकाय जहाज अब्रहाम लिंकन के नेतृत्व में यह बेड़ा उसे बेड़े से भी बड़ा है, जिसे वेनेजुएला की ओर भेजा गया था.

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ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला की तरह ही यह बेड़ा भी पूरी तरह सक्षम है और जरूरत पड़ने पर अत्यंत तेजी और के साथ अपने मिशन को अंजाम देने में कोई संकोच नहीं करेगा. उम्मीद है कि ईरान जल्दी  बातचीत की टेबल पर आएघा और एक न्यायपूर्म एवं संतुलित समझौतदे पर बातचीत करेगा. बिना किसी परमाणु हथिार के ऐसा समझौता जो सभी पक्षों के लिए बेहतर हो. समय तेजी से निकल रहा है और हालात निर्णायक मोड़ पर हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैंने पहले भी ईरान से कहा था कि डील कर लो. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. नतीजा था ऑपरेशन मिडनाइट हैमर, जिसमें ईरान को भारी तबाही झेलनी पड़ी. अगला हमला इससे कहीं अधिक विनाशकारी होगा. ऐसा दोबारा होने मत दीजिए. इस गंभीर विषय पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद.

बता दें कि अमेरिका ने पिछले साल जून में ईरान के खिलाफ अपने सबसे तेज और खतरनाक सैन्य अभियान 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में महज 25 मिनट में ईरान के तीन अहम परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया था. अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फाहान में स्थित तीन परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे. यह हमले 7 स्टील्थ B-2 बॉम्बर्स से किए गए थे, जिनमें 12 भारी बम गिराए गए थे. इस बेहद गोपनीय सैन्य मिशन में 125 से ज्यादा विमान शामिल थे और एक खास 'डिसेप्शन' यानी चालबाजी की रणनीति भी अपनाई गई थी.

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