'सेकेंड हैंड नोबेल' क्यों लिया? ट्रंप ने खुद बताई मचाडो से मीटिंग की पूरी कहानी

व्हाइट हाउस में ट्रंप और मचाडो की मुलाकात ने वैश्विक राजनीति में नया और चौंकाने वाला अध्याय जोड़ दिया. वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार डोनाल्ड ट्रंप को सौंप दिया. अब इसपर ट्रंप का बयान आया है.

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वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने ट्रंप की जमकर तारीफ की (फोटो- X/White House) वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो ने ट्रंप की जमकर तारीफ की (फोटो- X/White House)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:00 AM IST

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने शुक्रवार को सबको हैरान कर दिया. व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को ही सौंप दिया. जबकि उन्हें ही पछाड़कर उन्होंने इस प्राइज को हासिल किया था.

इस बात से कोई अनजान नहीं है कि ट्रंप नोबेल पीस प्राइज पाने के लिए कितने आतुर थे. लेकिन अब सवाल उठने लगे कि आखिरकार ट्रंप ने 'सेकेंड हैंड' नोबेल पुरस्कार को स्वीकार क्यों किया.

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इससे जुड़ा सवाल शुक्रवार को उनसे किया गया. इसपर ट्रंप ने कहा, 'उन्होंने मुझे यह पुरस्कार देने की पेशकश की. मुझे यह बहुत अच्छा लगा.'

ट्रंप के मुताबिक, मचाडो ने उनसे कहा- आपने आठ युद्ध खत्म किए हैं, और इस पुरस्कार का आपसे अधिक हकदार कोई नहीं है.

ट्रंप बोले, 'मुझे यह बहुत अच्छा लगा और वैसे, मुझे लगता है कि वह एक बहुत ही नेक महिला हैं. हम फिर बात करेंगे.'

बता दें कि पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार को पाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने बहुत कोशिश की थी. वो हर दूसरे दिन दुनिया के 7 युद्ध रुकवाने का दावा करते थे और नोबेल कमेटी के आगे पीस प्राइज का दावा ठोकते थे. डोनाल्ड ट्रंप ने तो खुद को पीसमेकर कहना शुरू कर दिया था.

लेकिन इतने जतन के बावजूद नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें नहीं दिया गया था. साल 2025 का नोबेल पीस प्राइज़ वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिल गया था. मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल मिलने की खबर से डोनाल्ड ट्रंप काफी खीज गए थे. कई बार उन्होंने अपने गुस्से का इजहार भी किया.

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एक महीने के अंदर मचाडो ने नोबेल ट्रंप को सौंपा

लेकिन पिछले 3 महीने के अंदर हालात इतने तेजी से बदले हैं कि जिस महिला को नोबेल कमेटी ने नोबेल शांति पुरस्कार दिया, उसने ट्रंप को अपना नोबेल खुद ही गिफ्ट कर दिया है. अपना नोबेल गिफ्ट में देते हुए मारिया ने ट्रंप का आभार भी जताया है. 10 दिसंबर 2025 को नोबेल कमेटी ने मारिया को नोबेल शांति पुरस्कार दिया था, अब उससे करीब 1 महीने बाद मारिया ने अपना नोबेल, ट्रंप को सौंप दिया.

ये एक तरह से नोबेल पीस प्राइज़ का ट्रांसफर है. और ये ट्रांसफर पूरे सम्मान के साथ और आभार जताते हुए किया गया है. मारिया ने वेनेजुएला पर हमला करने और निकोलस मादुरो का तख्तापलट करने के लिए ट्रंप का धन्यवाद किया है.

मचाडो ने अपने नोबेल शांति पुरस्कार के तमगे को बाकायदा एक बड़े से फ्रेम में फिट करवाया. और इसमें ट्रंप की तारीफ में बड़ी बड़ी बातें लिखीं. इस फ्रेम में मचाडो के हस्ताक्षर वाला एक छोटा सा मैसेज भी है. मचाडो ने लिखा है कि वेनेजुएला पर सैन्य एक्शन के लिए वहां के नागरिकों की तरफ से ट्रंप का आभार.

इसी साल 3 जनवरी को ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने वेनेजुएला पर एक सर्जिकल स्ट्राइक की. इस सर्जिकल स्ट्राइक का टारगेट थे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो. अमेरिकी कमांडोज़ ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर अचानक हमला किया, और फिर निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी समेत गिरफ्तार करके अमेरिका ले आए. अमेरिका ने कुछ ही घंटों में वेनेजुएला का तख्तापलट कर दिया था. अब अमेरिका में मादुरो के खिलाफ आतंकवाद और ड्रग्स के जुड़े केस चलाए जा रहे हैं. इसी तख्तापलट का समर्थन करते हुए मारिया ने ट्रंप का आभार जताया है.

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