'नोबेल पुरस्कार मुझे मिलना चाहिए, नॉर्वे का...', बोले ट्रंप, भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का दावा दोहराया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ युद्ध रुकवाने का दावा करते हुए कहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें मिलना चाहिए. नोबेल पुरस्कार की कमेटी पर नॉर्वे का नियंत्रण है. ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का भी दावा दोहराया है.

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डोनाल्ड ट्रंप (Photo: ITG) डोनाल्ड ट्रंप (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:44 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं कि मानते नहीं. नोबेल शांति पुरस्कार की उनकी चाह अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही. राष्ट्रपति ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को नोबेल पुरस्कार के संबंध में पत्र लिखा था. ट्रंप ने अब फिर से नोबेल पुरस्कार के साथ ही भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का राग छेड़ दिया है. ट्रंप ने कहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे के नियंत्रण में है. उन्होंने यह भी कहा है कि यह सम्मान उन्हें मिलना चाहिए.

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नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दावेदारी करते हुए ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि आठ युद्ध खत्म करा लाखों लोगों की जान बचाई है. उन्होंने कहा है कि मुझे भले ही नोबेल पुरस्कार की परवाह न हो, लेकिन लोगों की जान बचाने की चिंता जरूर है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका के मियामी में कॉलेज फुटबॉल चैम्पियनशिप मैच में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि मुझे नोबेल पुरस्कार की परवाह नहीं है. एक बेहद शानदार महिला (मारिया मचाडो) को लगा कि इसका हकदार हूं और वह चाहती थीं कि मुझे नोबेल मिले. मैं इसकी सराहना करता हूं. ट्रंप ने कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि नॉर्वे नोबेल पुरस्कार को नियंत्रित नहीं करता, तो वह मजाक कर रहा है. उन्होंने कहा कि नोबेल पुरस्कार के लिए एक बोर्ड होता है, लेकिन उस बोर्ड पर नॉर्वे का नियंत्रण है. मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि नॉर्वे क्या कहता है.

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ट्रंप ने दावा किया दस लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है. उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का दावा करते हुए कहा कि अगर आप इन दोनों देशों को देखें, दोनों ही परमाणु शक्तियां हैं. ट्रंप ने कहा कि कई ऐसे देश जो 30 साल, कहीं-कहीं 35 साल से युद्ध में थे, मैंने यह सब खत्म किया. हमने आठ युद्ध रोके हैं और संभव है कि बहुत जल्द नौवां युद्ध भी रोक दें.

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अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने के दावे अब तक लगभग 80 बार कर चुके हैं. हालांकि, भारत बार-बार किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार करता रहा है.  ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि इतिहास में उनसे ज्यादा नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार कोई नहीं है. उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना भी की, जिन्हें 2009 में पद संभालने के तुरंत बाद यह पुरस्कार मिला था. ट्रंप ने कहा था कि ओबामा ने कुछ किया ही नहीं था.

मैक्रों के इनकार पर क्या बोले ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक को संबोधित करेंगे. डब्ल्यूईएफ से इतर ट्रंप गुरुवार को गाजा बोर्ड ऑफ पीस चार्टर की घोषणा में हिस्सा लेंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गाजा संघर्ष समाप्त करने, गाजा के पुनर्निर्माण के लिए बनाए जा रहे इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता ठुकराते हुए इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था. मैक्रों के इनकार को लेकर सवाल पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें कोई भी नहीं चाहता. वह बहुत जल्द पद से हटने वाले हैं.

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ट्रंप ने मैक्रों के इनकार पर कहा कि कोई बात नहीं, उनकी वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगा दूंगा.  फिर वे जुड़ जाएंगे. उन्होंने आगे जोड़ा कि अगर उन्होंने (मैक्रों ने) ऐसा कहा है, तो उन्हें शामिल होने की जरूरत नहीं. ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है. इस बोर्ड में शामिल होने के लिए ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता दिया है.

टैरिफ को लेकर कोर्ट के फैसले पर क्या बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ की वैधता का मामला सुप्रीम कोर्ट में होने को लेकर सवाल पर कहा कि कोर्ट इस पर क्या फैसला देगा, मुझे नहीं पता. लेकिन उनकी सरकार अगर यह केस हार गई, तो अमेरिका को सेकड़ों अरब डॉलर की टैरिफ राशि लौटानी पड़ सकती है. ट्रंप ने टैरिफ की कानूनी वैधता का भरोसा व्यक्त किया और कहा कि पहले से वसूली जा चुकी राशि को लौटाना कई लोगों को नुकसान पहुंचाए बिना बेहद मुश्किल होगा.
 

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