अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को पोप लियो के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें विदेश नीति और अपराध के मुद्दों पर 'टेरिबल' करार दिया है. ट्रंप ने आरोप लगाया कि पोप केवल 'रेडिकल लेफ्ट' को खुश करने में लगे हैं, जिससे कैथोलिक चर्च को भारी नुकसान हो रहा है.
दरअसल, वेटिकन सिटी के प्रमुख पोप लियो XIV ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर डर व्यक्त किया था. इसी को लेकर ट्रंप ने उन पर भड़ास निकाली है और उनकी कड़ी आलोचना की है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, पोप लियो अपराध के मामले में कमजोर हैं और विदेश नीति के लिहाज से तो बेहद खराब हैं. वो ट्रंप प्रशासन के "डर" की बात तो करते हैं, लेकिन कोविड के दौरान कैथोलिक चर्च और अन्य सभी ईसाई संगठनों के उस डर का जिक्र तक नहीं करते, जब चर्च में प्रार्थना सभाएं आयोजित करने पर, यहां तक कि बाहर जाकर दस-बीस फीट की दूरी बनाए रखने पर भी, पादरियों, मंत्रियों और अन्य सभी को गिरफ्तार किया जा रहा था.
MAGA समर्थक हैं लुईस
ट्रंप ने पोप लियो के भाई लुईस की तारीफ की और कहा कि मुझे उनका भाई लुई उनसे कहीं ज्यादा पसंद है, क्योंकि लुईस पूरी तरह से MAGA समर्थक हैं. उन्हें बात समझ आती है, पर लियो को नहीं!
उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो ईरान के पास परमाणु हथियार होने को जायज समझे. मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो यह सोचे कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर हमला करना भयानक था, जो भारी मात्रा में ड्रग्स, अपराधियों, ड्रग डीलरों को अमेरिका भेजने से कृत्यों में शामिल था. मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति की आलोचना करे, क्योंकि मैं वही कर रहा हूं. जिसके लिए मुझे भारी बहुमत से चुना गया था- अपराध दर को रिकॉर्ड निचले स्तर पर लाना और इतिहास का सबसे बड़ा शेयर बाजार बनाना.
'मुझे रास नहीं आती लियो की बातें'
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लियो को शुक्रगुजार होना चाहिए, क्योंकि जैसा कि सभी जानते हैं कि पोप बनने के लिए उनका नाम किसी भी लिस्ट में नहीं था और चर्च ने उन्हें केवल इसलिए पोप बनाया, क्योंकि वो एक अमेरिकी थे और उन्हें लगा कि ट्रंप से बेहतर तरीके से निपट पाएंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मैं व्हाइट हाउस में नहीं होता तो लियो वेटिकन में नहीं होते. दुर्भाग्य से, अपराध और परमाणु हथियारों के मामले में लियो की कमजोरी मुझे रास नहीं आती और न ही ये फैक्ट्स कि वो ओबामा के समर्थकों जैसे डेविड एक्सलरोड से मिलते हैं जो वामपंथी विचारधारा का व्यक्ति है और चर्च जाने वालों और पादरियों की गिरफ्तारी चाहता था.
'कट्टर वामपंथियों को खुश करना बंद करें पोप'
उन्होंने कहा कि लियो को पोप के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, सामान्य ज्ञान का इस्तेमाल करना चाहिए, कट्टर वामपंथियों को खुश करना बंद करना चाहिए और एक महान पोप बनने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि एक राजनेता बनने पर. इससे उन्हें बहुत नुकसान हो रहा है और उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये है कि इससे कैथोलिक चर्च को भी नुकसान हो रहा है!
aajtak.in