ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कसम खाई... डेनमार्क के PM ने दिया जवाब, बॉर्डर-पहचान और आजादी से समझौता नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. लेकिन ग्रीनलैंड का मालिकाना हक रखने वाले डेनमार्क ने कहा है कि ग्रीनलैंड उनकी पहचान और आजादी का सवाल है और इस पर किसी तरह का समझौता नहीं हो सकता है. इस बीच पुतिन के रूस अमेरिका के सपोर्ट में ही दिखते हैं.

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ग्रीनलैंड पर ट्रंप किसी भी तरह से कब्जा करना चाहते हैं. (Photo: ITG) ग्रीनलैंड पर ट्रंप किसी भी तरह से कब्जा करना चाहते हैं. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:57 PM IST

दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप और डेनमार्क का  सेमी-ऑटोनॉमस क्षेत्र ग्रीनलैंड विश्व पटल पर एक बड़े टकराव की वजह बनने के लिए तैयार है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप AI से बना एक मैप शेयर किया है जिसमें ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बताया गया है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिक्सन ने इस नक्शे पर तो सीधा सीधा कुछ नहीं कहा है, लेकिन उन्होंने जो कहा है उससे डेनमार्क की तैयारी का पता चलता है. 

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मेट्टे फ्रेडरिक्सन ने साफ साफ कहा है कि हम अपनी आजादी, पहचान, बॉर्डर और लोकतंत्र से समझौता नहीं कर सकते हैं. PM मेट्टे फ्रेडरिक्सन ने वैश्विक नेताओं का आह्वान करते हुए कहा कि यह वैश्विक व्यवस्था का प्रश्न है. 

डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने आशंका जताई कि इस क्षेत्र का सबसे खराब फेज अभी आ सकता है. उन्होंने ट्रंप का नाम लिए बिना कहा कि अगर कोई यूरोप से ट्रेड वॉर शुरू करता है तो निश्चित रूप से हम इसका जवाब देंगे.

इससे पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिक्सन ने 19-20 जनवरी 2026 को कहा था कि ट्रंप की टैरिफ धमकियों से 'यूरोप ब्लैकमेल नहीं होगा'. उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप टैरिफ लगाते हैं तो यूरोप रिस्पॉंड करेगा. EU पूरी तरह एकजुट है, टैरिफ्स सिंगल कंट्रीज पर नहीं, पूरे EU पर लागू होंगे. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है. 

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ट्रंप ने कसम खाई...

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कसम खाई कि ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करने के अपने लक्ष्य से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने आर्कटिक द्वीप को जबरदस्ती लेने की संभावना से इनकार नहीं किया और यूरोपीय नेताओं के जवाब देने में संघर्ष करने के बीच सहयोगियों पर भी निशाना साधा.

ट्रंप ने NATO के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुटे से बात करने के बाद कहा- "जैसा कि मैंने सभी को बहुत साफ़-साफ़ बताया, ग्रीनलैंड राष्ट्रीय और विश्व सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है। अब पीछे नहीं हटा जा सकता - इस पर सभी सहमत हैं!" 

ट्रंप ने अपनी महत्वाकांक्षा एक AI इमेज में जाहिर कर दी है. इसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बताया है. ट्रंप ने यूरोप के साथ ट्रेड वॉर को फिर से शुरू करने की धमकी भी दी है.  जिसने पिछले साल महीनों तक बाजारों और कंपनियों को परेशान किया था. 

ट्रंप ने नोबेल पीस प्राइज न मिलने पर भी नाराजगी जताई है. नॉर्वे के PM को मैसेज में उन्होंने कहा है कि अब वे "पीस" की बजाय US के हितों पर फोकस करेंगे. ट्रंप ने डावोस मीटिंग्स में यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकी दी. 

रूस से ट्रंप को मिला पॉजिटिव संदेश

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वहीं दुनिया की दूसरी शक्ति रूस के बयान से पूरा मामला और भी दिलचस्प हो गया है. 

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का "स्वाभाविक हिस्सा" नहीं है. सर्गेई लावरोव ने यह भी कहा कि रूस को इस क्षेत्र में दखल देने की कोई महात्वाकांक्षा नहीं है. 

सर्गेई लावरोव ने कहा, "सिद्धांत रूप में ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है, क्या ये है?" उन्होंने आगे कहा, "यह न तो नॉर्वे का प्राकृतिक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का. यह एक औपनिवेशिक जीत है. यह अलग बात है कि अब वहां के निवासी इसके आदी हो गए हैं और सहज महसूस करते हैं."

 ग्रीनलैंड विवाद दुनिया को एक बार फिर संकट और टकराव के मुहाने पर ले जा रहा है. ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" पॉलिसी ने इस क्षेत्र को किसी भी अनिष्ट के लिए उर्वर जमीन बना दिया है.

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