ईरानी जहाज पर अमेरिका ने किया हमला, तो चीन बहाने लगा आंसू, बोला- हालात नाजुक

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी कार्गो जहाज TOUSKA को जब्त किए जाने के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. चीन ने इस घटना को गंभीर बताया और सभी पक्षों से जिम्मेदारी निभाने और सीजफायर समझौते का पालन करने की अपील की है.

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ईरान के कार्गो शिप पर हमला होने पर चीन ने रिएक्शन दिया है ईरान के कार्गो शिप पर हमला होने पर चीन ने रिएक्शन दिया है

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:55 PM IST

वेस्ट एशिया का तनाव अभी भी कम नहीं हुआ है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी लगातार टेंशन बनी हुई है, जिसे लेकर वे देश भी जंग की जद में आ रहे हैं, जिनका इससे सीधा ताल्लुक नहीं है. चीन ने ऐसे ही एक मुद्दे पर अपना कड़ा रिएक्शन दिया है. असल में चीन ने ईरानी कार्गो शिप को जब्त किए जाने को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है. चीन ने कहा है कि जहाज को जबरन रोके जाने की घटना गंभीर है और चिंता बढ़ाने वाली भी है. 

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चीनी ने कही सीजफायर की बात
चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वह उम्मीद करता है कि सभी पक्ष जिम्मेदारी दिखाएंगे और सीजफायर समझौते का पालन करेंगे. चीन ने यह भी माना कि मौजूदा स्थिति बेहद संवेदनशील और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. इसके साथ ही चीन ने साफ किया कि वह इस पूरे घटनाक्रम में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों में योगदान देगा.

ट्रंप ने किया था जहाज को कब्जे में लेने का ऐलान
असल में, होर्मुज की नाकेबंदी के बीच अमेरिकी नेवी ने ईरानी झंडे वाले कार्गो (मालवाहक जहाज) को अपने कब्जे में लिया है. सामने आया था कि इस कार्गो ने होर्मुज के पास अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी को पार करने की कोशिश की थी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में इसका दावा किया था. उन्होंने लिखा कि ईरान के झंडे लगे इस कार्गो का नाम TOUSKA है. इस जहाज को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक यूएसएस स्प्रूएंस ने इंटरसेप्ट किया. यह जहाज नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था. 

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यह उनके (ईरान) लिए अच्छा नहीं रहा. ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी जहाज ने अमेरिकी नेवी की वॉनिंग को नजरअंदाज किया. इसके बाद उसे बलपूर्वक रोका गया. इस समय अमेरिकी मरीन के पास जहाज की पूरी हिरासत है. हमारे पास जहाज पर पूर्ण नियंत्रण है. यह जहाज पहले भी अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है. हम देख रहे हैं कि उसमें क्या है.

चीन ने जताई चिंता
चीन ने इसे ही लेकर आपत्ति जताई है. चीन ने कहा है कि जहाज को जबरन रोके जाने की घटना गंभीर है और चिंता बढ़ाने वाली भी है. इसके साथ ही चीन ने माना है कि जंग अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है और अब यह अधिक संवेदनशील हो चुकी है. चीन ने अमेरिका का नाम लिए बगैर कहा है कि, हमने जहाज को जबरन रोके जाने पर चिंता व्यक्त की है.

हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष सीजफायर समझौते का पालन करते हुए जिम्मेदारी से काम करेंगे. चीन ने वर्तमान स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा वक्त में स्थिति नाजुक बनी हुई है और चीनी पक्ष रचनात्मक भूमिका निभाएगा.

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