कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में बढ़ते फायरिंग और उगाही के मामलों के बीच सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. सरे शहर में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘प्रोजेक्ट एश्योरेंस’ के तहत दो भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट कर दिया गया है, जबकि कई अन्य लोगों की जांच जारी है.
अधिकारियों के मुताबिक, प्रभजोत सिंह और लवबीर सिंह नाम के दो भारतीय नागरिकों को पहले गिरफ्तार किया गया था. बाद में इमिग्रेशन समीक्षा के बाद उन्हें कनाडा से बाहर भेज दिया गया. जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों पर उगाही से जुड़े आपराधिक नेटवर्क से संबंध होने का संदेह था.
पुलिस के अनुसार, हाल के महीनों में सरे और आसपास के इलाकों में गोलीबारी, धमकी और उगाही की घटनाओं में तेजी आई है. इसी कड़ी में क्रिसेंट बीच इलाके में हुई फायरिंग के मामले में भारतीय मूल के तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. उन पर अवैध हथियार रखने और गोली चलाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
एक अन्य घटना में पुलिस ने गोली चलने की सूचना मिलने के बाद एक वाहन को रोका, जहां से भरी हुई पिस्तौल बरामद हुई. इस मामले में दो और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया.
कनाडाई एजेंसियों का कहना है कि उगाही करने वाले गिरोह अब एन्क्रिप्टेड मोबाइल ऐप, गुप्त डिजिटल माध्यम और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई है. पुलिस, इमिग्रेशन विभाग और जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम अब इन नेटवर्क के आर्थिक और संचालन से जुड़े संबंधों की जांच कर रही है.
सितंबर 2025 में पुलिस ने उगाही मामलों में जानकारी देने वालों के लिए इनाम योजना भी शुरू की थी, ताकि लोगों से सहयोग मिल सके.
हुमरा असद