बांग्लादेश के चटगांव (चट्टोग्राम) जिले में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. राओजान उपजिला के पश्चिम बनिक पाड़ा इलाके के सुल्तानपुर में असामाजिक तत्वों ने देर रात एक हिंदू परिवार के घर पर हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया. यह घर जयन्ती संघ से जुड़े प्रवासी सदस्य बाबू शुकुशील का बताया जा रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावरों ने घर में आग लगा दी, जिससे मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया. आगजनी में घर का सारा सामान, जरूरी दस्तावेज और पालतू जानवर भी जलकर मर गए. राहत की बात यह रही कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते बाड़ काटकर घर से बाहर निकलने में सफल रहे और उनकी जान बच गई.
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया. स्थानीय निवासियों ने बताया कि घटनास्थल के पास एक हाथ से लिखा हुआ बांग्ला पोस्टर लटका मिला, जिसमें सीधे तौर पर हिंदू समुदाय को धमकी दी गई है. पोस्टर में लिखा है कि हिंदुओं पर नजर रखी जा रही है और उन पर इस्लाम और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. इसमें यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने अपनी गतिविधियां बंद नहीं कीं तो उनके घर, दुकानें और संपत्तियां नहीं बख्शी जाएंगी.
पोस्टर लगाकर दी "आखिरी वार्निंग"
पोस्टर में साफ शब्दों में कहा गया है कि यह "आखिरी चेतावनी" है और किसी भी तरह का विरोध "गंभीर कार्रवाई" को न्योता देगा. इस धमकी भरे संदेश ने हिंदू समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना को और गहरा कर दिया है.
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स्थानीय हिंदुओं ने इस घटना को "सांप्रदायिक आतंक" करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि चटगांव और उसके आसपास के दूरदराज इलाकों में पिछले डेढ़ साल से हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और अक्सर हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.
अलपसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा का मामला
घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इलाके में डर और आक्रोश का माहौल साफ तौर पर देखा जा सकता है. यह मामला एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी करता है.
आशुतोष मिश्रा