बांग्लादेश में चुनाव नतीजे आने के बाद कुछ असामान्य सा हो रहा है. बांग्लादेश में यूनुस प्रशासन के एक बड़े अधिकारी चुनाव खत्म होते ही देश छोड़कर चले गए हैं. इसे लेकर बांग्लादेश में तरह तरह के कयास लगाए जा रहा है. पिछले दो दिनों से इस पर अटकलें लगाई जा रही हैं. फैज अहमद तैयब बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार के विशेष सहायक थे. फैज, डाक, दूरसंचार और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री के इंचार्ज थे.
माना जा रहा है कि फैज अहमद तैयब चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस की ओर से एक समन भेजे जाने के बाद देश छोड़कर चले गए.
बांग्लादेश के अखबर प्रथम आलो ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शनिवार रात को जब उनके व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क किया गया तो फैज अहमद तैयब ने कॉल काट दिया. बाद में उन्होंने एक टेक्स्ट मैसेज में लिखा, “मैंने 9 और 10 तारीख को ऑफिस से छुट्टी ली थी. मिनिस्ट्री ने मुझे फॉर्मली विदाई दे दी है.”
शनिवार को बांग्लादेश से निकले
उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या वे देश छोड़कर चले गए हैं. हालांकि उनके एक करीबी सूत्र ने बताया कि वे शनिवार को ढाका के हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बांग्लादेश से चले गए.
फैज अहमद तैयब के अचानक बांग्लादेश छोड़ने पर स्थिति साफ करते हुए पर्यावरण सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन ने कहा कि ICT और टेलीकम्युनिकेशन के चीफ एडवाइजर के स्पेशल असिस्टेंट फैज अहमद तैयब अपनी सरकारी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद नीदरलैंड्स में अपने परिवार के पास लौट गए हैं.
उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई है
सैयदा रिजवाना हसन ने कहा, "अब उनकी राज्य की जिम्मेदारी खत्म हो गई है, वह अपने परिवार के पास लौट आए हैं. अगर आप पर विवाद पैदा करना चाहते हैं तो कर सकते हैं. उन्होंने कहा है कि वह फिर से देश लौटेंगे."
रिजवाना ने इतना जरूर कहा कि टेलिकम्युनिकेशन सेक्टर में तैयब के सुधार के प्रयासों से कई लोग नाराज हो सकते हैं, और वे कह रहे हैं कि वह चुपके से चले गए. रिजवाना ने कहा कि देश में एक ग्रुप है जो हर चीज में ड्रामा करने, एक्साइटमेंट पैदा करने की कोशिश करता है. यह उसी की एक कोशिश है. इसका असलियत से कोई लेना-देना नहीं है."
पहला सेफ एग्जिट
वही बीबीसी ने कहा है कि अंतरिम सरकार में किसी के लिए यह 'पहला सेफ एग्जिट' है.
इससे पहले जिस मंत्रालय में फैज अहमद तैयब काम करते हैं उस मंत्रालय में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कई आरोप लग चुके हैं. अब अचानक देश छोड़कर चले जाने से भी आरोप लग रहे हैं.
फैज अहमद तैयब ने बीबीसी बांग्ला से कहा कि कानून और पॉलिसियों में बदलाव के कारण कुछ एलिमेंट, माफिया और तस्कर उनके पीछे पड़े हैं.
तैयाब यह बात अनियमितताओं के आरोपों के जवाब में पहले भी कह चुके हैं.
फैज अहमद तैयब को पिछले साल कथित करप्शन में डूबे एक प्रोजेक्ट को जारी रखने के लिए एंटी करप्शन कमीशन को चिट्ठी भेजने पर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था.
तब उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि अगर वे ऐसा कदम नहीं उठाते तो देश को देश को 600 करोड़ टका का नुकसान होता.
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