पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत शनिवार को बागी बलोचों की हुंकार से सहम गया. बलूचिस्तान में बलोच अलगाववादियों ने 'ऑपरेशन हेरॉफ 2.0' के तहत बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसने इस्लामाबाद में बैठी पाकिस्तान सरकार और रावलपिंडी की आर्मी बैरकों में मौजूद आर्मी चीफ आसिम मुनीर की चूलें हिला दी है.
बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस ऑपरेशन को अपनी आजादी की लड़ाई का अगला चरण बताया है. शनिवार की सुबह बलूचिस्तान के कई जिलों जिनमें क्वेटा, नुश्की, दल्बंदीन, पसनी, ग्वादर, खारान और मस्तुंग BLA के बागियों ने हमला किया.
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने बयान जारी कर कहा कि यह अभियान 'ऑपरेशन हेरॉफ 2.0' का हिस्सा है. ये कदम बलूचिस्तान में पाकिस्तानी 'कब्जे'को खत्म करने के लिए उठाया गया है.
क्या है 'ऑपरेशन हेरॉफ'
'ऑपरेशन हेरॉफ' बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा चलाया गया एक बड़ा सैन्य अभियान है. इसका पहला चरण अगस्त 2024 में शुरू हुआ, जिसे बलोची भाषा में 'ब्लैक स्टॉर्म' कहा जाता है. यह पाकिस्तानी सेना, पुलिस और CPEC से जुड़े ठिकानों पर बड़े पैमाने पर समन्वित हमलों का सिलसिला था, जिसमें हाईवे ब्लॉकेड, सुसाइड अटैक और कई जगहों पर कब्जे के दावे किए गए थे.
BLA ने इसे बलूचिस्तान की की रक्षा और पाकिस्तानी 'कब्जे' के खिलाफ निर्णायक प्रतिरोध बताया. 'ऑपरेशन हेरॉफ 2.0' इसका दूसरा चरण है, इसे बलोच बागियों ने 31 जनवरी 2026 को लॉन्च किया है. इसी ऑपरेशन के तहत बलोच विद्रोहियों ने क्वेटा, नोशकी, ग्वादर, मस्तुंग समेत 10 से ज्यादा जिलों में हमले किए. इस दौरान पुलिस स्टेशन, जेल, आईएसआई ऑफिस और सैन्य कैंप को निशाना बनाया गया.
BLA कमांडर का वीडियो
इस हमले के बाद BLA कमांडर बशीर जेब बलोच ने एक वीडियो जारी किया है. वह बलोच लिबरेशन आर्मी के वर्तमान कमांडर-इन-चीफ या प्रमुख नेता हैं.
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बशीर जेब बलोच ने 2018 में BLA की कमान संभाली है. ये वो मौका था जब उनके भाई/पूर्व नेता अस्लम बलोच की मौत हो गई थी. इससे पहले बलोच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन रह चुके हैं. हाल के वर्षों में BLA उनके नेतृत्व में सक्रिय रहा है, जिसमें ऑपरेशन हेरोफ जैसे बड़े हमले शामिल हैं.
बैंक पर कब्जा किया, फिर रॉकेट से उड़ा दिया
शनिवार का ऑपरेशन हेरॉफ 2.0 बलूचिस्तान में हाल फिलहाल में बलोच विद्रोहियों द्वारा किए गए सबसे बड़े हमले में से एक था. बलोच विद्रोहियों ने क्वेटा में फैजल बैंक की पूरी बिल्डिंग पर ही कब्जा कर लिया और उसे मोर्टार से उड़ा दिया. इससे आस-पास के लोग खौफ में हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार अलगाववादी लाखों रुपये की नकदी और हथियार लूटे गए. कुछ इलाकों में हमलावरों ने सरकारी इमारतों को आग लगाई और सुरक्षा बलों के चेकपॉइंट्स को नष्ट किया.
नुश्की में सीटीडी मुख्यालय पर अलगाववादियों ने कब्जा कर लिया है. सड़कों पर बलोच लड़ाकों ने जश्न मनाया, हथियार लहराते हुए और नारे लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. बीएलए ने इस हमले में कई पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को मारने का दावा किया है. पुष्ट खबरों के अनुसार अबतक 10 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. क्वेटा में चार पुलिसकर्मी मारे गए हैं.
पाकिस्तान का दावा है कि 60 से ज्यादा अलगाववादी मारे गए हैं.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार क्वेटा में सरिआब रोड पर स्थित हेल्पर अस्पताल, तारिक अस्पताल और जिन्ना रोड के पास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं हैं. काली दीबा की रहने वाली रुबीना अली ने बताया कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उन्हें लगा जैसे उनका घर उन पर गिर जाएगा. जिन्ना रोड स्थित यूनिवर्सल कॉम्प्लेक्स में एक कार्यालय में काम करने वाले अयाज अहमद ने कहा कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसने पूरी इमारत को हिला दिया. उन्होंने कहा कि इमारत धूल से भरी हुई थी. अयाज ने बताया कि जब वह सड़क पर आया तो लोग होटल और दुकानें बंद कर रहे थे और भाग रहे थे.
बलोच विद्रोहियों ने क्वेटा में प्रांतीय राजधानी में कई पुलिस थानों पर हमले किए और उन पर कब्जा कर लिया. जैसे सरियाब न्यू पुलिस स्टेशन
और ईस्टर्न बाईपास पुलिस स्टेशन. यहां से गोलीबारी की खबरें आई और पुलिस वाहनों को जला दिया गया है. मस्तुंग में भी बलोच विद्रोहियों ने पुलिस स्टेशन पर कब्जा कर लिया है यहां से कुछ कैदियों के फरार होने की खबरें आई हैं. नुश्की में बलोचों ने काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट कार्यालय पर कब्जा कर लिया है. ग्वादर और पसनी में भी पुलिस ठिकानों पर हमला हुआ है.
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि विद्रोहियों के खिलाफ ऑपरेशन अभी भी चल रहा है. कई स्थानों पर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है.
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