बलूचिस्तान में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के बड़े और सुनियोजित हमलों ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है. 'ऑपरेशन हेरोफ' के तहत BLA ने एक साथ 12 शहरों में एक साथ टारगेटेड हमले किए, जिससे पाकिस्तानी सेना, खुफिया एजेंसियां और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा तक सकते में आ गए हैं. इन हमलों के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की रणनीति पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस लश्कर-ए-तैयबा को पाक सेना BLA के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रही थी, वही आतंकी संगठन अब खुद खौफ में है. लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर राना मोहम्मद अशफाक का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोता हुआ नजर आ रहा है और BLA के हमलों को पाकिस्तान के 80 साल के इतिहास का सबसे बड़ा हमला बता रहा है.
वीडियो में राना अशफाक दावा करता है कि BLA ने बलूचिस्तान के सिबी, मस्तूंग, खुज़दार, दालबंदीन, नोशकी, तुरबत, पंजगूर और क्वेटा समेत कई इलाकों में एकसाथ हमले किए. उसके मुताबिक बैंकों को जलाया गया, सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया और मस्तूंग जेल तोड़कर 27 कैदियों को छुड़ा लिया गया. इसके अलावा नोशकी में डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नर को भी अगवा किया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़े जाने की बात कही जा रही है.
राना अशफाक ने खुद यह कबूल किया कि इन हमलों में स्थानीय बलूच लोगों का BLA को सहयोग मिलना पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा खतरा है. उसने माना कि आम लोग डरने की बजाय BLA लड़ाकों के पास खड़े होकर वीडियो बना रहे थे, जो राज्य की पकड़ कमजोर होने का संकेत है. हैरानी की बात यह है कि खुद एक आतंकी कमांडर BLA को ‘आतंकी संगठन’ कहकर उसकी ताकत और रणनीति से डरा हुआ नजर आया.
इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक राना अशफाक वही शख्स है जो बलूचिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का नेटवर्क फैलाने और पाक सेना समर्थित गुटों के साथ मिलकर गतिविधियां चलाने में शामिल रहा है. बावजूद इसके, BLA के हमलों ने लश्कर और पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र दोनों की नींद उड़ा दी है.
कुल मिलाकर, ‘ऑपरेशन हेरोफ’ ने यह साफ कर दिया है कि बलूचिस्तान में हालात सिर्फ सैन्य ताकत से काबू में आने वाले नहीं हैं और पाकिस्तान के लिए यह संकट अब और गहराता जा रहा है.
अरविंद ओझा / सुबोध कुमार